Himachal Board Exam: 12वीं बोर्ड परीक्षा का 'तनाव' नहीं, 'तैयारी' से करें सामना, जानें प्रवक्ता की खास टिप्स?

Edited By Jyoti M, Updated: 20 Feb, 2026 12:44 PM

himachal board exam spokesperson gives advice to students before board exams

जैसे ही मार्च का महीना नजदीक आता है, छात्रों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी होने लगती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि परीक्षा केवल याददाश्त का नहीं, बल्कि सही प्रबंधन (Management) का खेल है? हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की 3 मार्च से शुरू होने...

हिमाचल डेस्क। जैसे ही मार्च का महीना नजदीक आता है, छात्रों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी होने लगती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि परीक्षा केवल याददाश्त का नहीं, बल्कि सही प्रबंधन (Management) का खेल है? हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की 3 मार्च से शुरू होने वाली 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के लिए अब किताबों के साथ-साथ 'स्मार्ट वर्क' करने का समय आ गया है।

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रक्कड़ के अंग्रेजी प्रवक्ता देवेंद्र सिंह राणा ने छात्रों को जीत का मंत्र देते हुए बताया है कि कैसे एक व्यवस्थित दिनचर्या और सकारात्मक सोच अंकों के गणित को बदल सकती है।

परीक्षा के दिनों में सबसे बड़ी चुनौती दबाव को नियंत्रित करना है। अंग्रेजी प्रवक्ता राणा का मानना है कि अपने सिलेबस को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटें और एक निश्चित समय सारिणी के अनुसार पढ़ाई करें। शांत मन से की गई पढ़ाई लंबे समय तक याद रहती है। खुद को किसी भी तरह की मानसिक उलझन में न फंसाएं।

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12वीं कक्षा के छात्रों के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यही अंक और ज्ञान आगे चलकर प्रतियोगी परीक्षाओं में उनके काम आएंगे। इसके लिए केवल मेहनत ही काफी नहीं है, बल्कि तार्किक सोच (Logical Thinking) का होना भी जरूरी है।

अंग्रेजी जैसे विषय में बेहतर स्कोर करने के लिए प्रवक्ता देवेंद्र सिंह राणा ने कुछ विशेष सुझाव साझा किए हैं अंग्रेजी में आपकी हैंडराइटिंग और शब्दों की बनावट परीक्षक पर गहरा प्रभाव डालती है। साफ-सुथरा काम आपको अतिरिक्त अंक दिला सकता है। परीक्षा हॉल में जाने से पहले यह जान लें कि प्रश्नपत्र का ढांचा कैसा है। इससे आपको यह तय करने में मदद मिलेगी कि किस भाग को कितना समय देना है।

प्रश्नपत्र हल करने का सही तरीका

परीक्षा हॉल में बैठते ही घबराने के बजाय इन तकनीकी पहलुओं पर ध्यान दें। जो हिस्सा आपको सबसे अच्छी तरह आता हो, उसे सबसे पहले हल करें।आमतौर पर 'सेक्शन-डी' किताबी ज्ञान पर आधारित होता है। इसे पहले हल करना फायदेमंद रहता है क्योंकि यह आपकी तैयारी का सबसे मजबूत पक्ष होता है। उत्तर लिखते समय शब्द सीमा का ध्यान रखें। अनावश्यक विस्तार के बजाय टू-द-पॉइंट (सटीक) बात लिखें। वाक्यों का निर्माण करते समय ग्रामर का विशेष ध्यान रखें ताकि आपके उत्तर अर्थपूर्ण लगें।

कॉम्प्रिहेंशन और नोट मेकिंग की तकनीक

अनसीन पैसेज और नोट मेकिंग जैसे हिस्सों में रट्टा काम नहीं आता। यहाँ आपकी समझ (Understanding) की परीक्षा होती है। विषय वस्तु को गहराई से पढ़ें और तार्किक रूप से अपने उत्तर तैयार करें। समय का प्रबंधन इस तरह करें कि हर खंड के लिए आपके पास पर्याप्त समय बचे।

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