Himachal: चमियाना में महंगा हुआ 'रोबोटिक' इलाज: बढ़ी इतनी फीस, मरीजों को लगा तगड़ा झटका

Edited By Jyoti M, Updated: 24 Feb, 2026 03:37 PM

himachal  robotic  treatment becomes expensive in chamiyana

स्वास्थ्य के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का लाभ उठाना अब आम आदमी की जेब पर भारी पड़ने वाला है। अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशलिटी अस्पताल (AIMS-SS), चमियाना में अब रोबोट के जरिए ऑपरेशन करवाना काफी खर्चीला हो गया है।

शिमला: स्वास्थ्य के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का लाभ उठाना अब आम आदमी की जेब पर भारी पड़ने वाला है। अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशलिटी अस्पताल (AIMS-SS), चमियाना में अब रोबोट के जरिए ऑपरेशन करवाना काफी खर्चीला हो गया है। अस्पताल प्रशासन ने रोबोटिक सर्जरी के शुल्क में 20 हजार रुपये की भारी वृद्धि कर दी है, जिसके बाद अब मरीजों को इस सुविधा के लिए 30 हजार के बजाय 50 हजार रुपये देने होंगे।

चुपके से बढ़े दाम, मरीजों को लगा झटका

अस्पताल ने रोगी कल्याण समिति (RKS) से हरी झंडी मिलते ही इन नई दरों को लागू कर दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि फीस में यह इजाफा काफी गुपचुप तरीके से किया गया। अगस्त 2023 में शुरू हुई इस अत्याधुनिक सेवा का लाभ लेने वाले मरीजों को अब अपनी बचत का बड़ा हिस्सा खर्च करना होगा।

बीमा योजनाओं का सहारा भी नहीं:

इस बढ़ोतरी का दर्द इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि रोबोटिक सर्जरी फिलहाल न तो प्रदेश सरकार की हिम केयर योजना के दायरे में आती है और न ही केंद्र की आयुष्मान भारत योजना में। इसका मतलब है कि बढ़ा हुआ सारा बोझ सीधे मरीज के परिवार को उठाना होगा।

वार्ड के अनुसार नया रेट कार्ड

अस्पताल प्रशासन ने अलग-अलग वार्डों के लिए शुल्क की नई सीमाएं तय की हैं। 

जनरल वार्ड: पहले के मुकाबले अब ₹50,000 चुकाने होंगे।

स्पेशल वार्ड: वीआईपी सुविधाओं के साथ इस सर्जरी का खर्च ₹80,000 तक पहुँच गया है।

क्यों बढ़ी कीमतें? प्रशासन का तर्क

अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुधीर शर्मा का कहना है कि रोबोटिक सर्जरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और मशीन का रखरखाव काफी महंगा है। उनके अनुसार एक ऑपरेशन पर औसतन एक लाख रुपये का खर्च आता है। फीस बढ़ाने के बावजूद 50% खर्च अभी भी सरकार ही उठा रही है।

मशीन के साथ आई 200 फ्री किट्स में से 150 इस्तेमाल हो चुकी हैं। अब नई किट और मेंटेनेंस के लिए अतिरिक्त बजट की जरूरत है। जैसे-जैसे तकनीकी सपोर्ट और सर्विसिंग का खर्च बढ़ेगा, संभव है कि आने वाले समय में फीस में और भी बढ़ोतरी देखने को मिले।

प्रदेश के अन्य अस्पतालों में भी हलचल

चमियाना में बढ़ी कीमतों का असर अब प्रदेश के अन्य चिकित्सा संस्थानों पर भी दिखने लगा है। राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज, टांडा में भी फीस बढ़ाने की कवायद शुरू हो गई है, जबकि IGMC शिमला में इस तकनीक को शुरू करने की तैयारियां चल रही हैं, जहाँ शुरुआती कीमतें ही ऊंची रह सकती हैं।

अब तक चमियाना में किडनी, प्रोस्टेट और ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारियों की 150 से अधिक सफल रोबोटिक सर्जरी की जा चुकी हैं।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!