Edited By Jyoti M, Updated: 04 Feb, 2026 11:35 AM

हिमाचल की घुमावदार सड़कों पर अब 'रोशनी का रौब' दिखाना ड्राइवरों की जेब और ड्राइविंग लाइसेंस दोनों पर भारी पड़ने वाला है। अक्सर लोग रात के सफर में बेहतर विजिबिलिटी के लिए हाई-बीम का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन यही चमकदार रोशनी सामने वाले के लिए 'मौत का...
हिमाचल डेस्क। हिमाचल की घुमावदार सड़कों पर अब 'रोशनी का रौब' दिखाना ड्राइवरों की जेब और ड्राइविंग लाइसेंस दोनों पर भारी पड़ने वाला है। अक्सर लोग रात के सफर में बेहतर विजिबिलिटी के लिए हाई-बीम का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन यही चमकदार रोशनी सामने वाले के लिए 'मौत का अंधेरा' बन जाती है। देवभूमि की पुलिस ने अब इस जानलेवा चमक पर लगाम लगाने के लिए कमर कस ली है।
पुलिस का नया एक्शन प्लान
हिमाचल प्रदेश पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने बढ़ते सड़क हादसों को रोकने के लिए एक बड़ा नीतिगत बदलाव किया है। अब राज्य में रात के समय बेवजह हाई-बीम जलाकर गाड़ी चलाना सामान्य गलती नहीं, बल्कि 'डेंजरस ड्राइविंग' (खतरनाक ड्राइविंग) माना जाएगा। दिल्ली और चंडीगढ़ जैसे शहरों के सख्त नियमों को अब पहाड़ों में भी लागू कर दिया गया है।
पहाड़ों में क्यों घातक है हाई-बीम?
पहाड़ी रास्ते संकरे और मोड़दार होते हैं। जब कोई वाहन हाई-बीम पर आता है, तो सामने वाले चालक की आँखों के आगे कुछ पलों के लिए पूरी तरह 'ब्लैकआउट' (अंधेरा) हो जाता है। इन चंद सेकंडों की धुंधलाहट पहाड़ी रास्तों पर गाड़ी को खाई में गिराने या आमने-सामने की टक्कर के लिए काफी है। इससे न केवल गाड़ियां, बल्कि पैदल चलने वाले लोग और बाइक सवार भी सीधे खतरे की जद में आ जाते हैं।
जुर्माना और कानूनी शिकंजा
पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने स्पष्ट कर दिया है कि नियमों की अनदेखी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत सख्त कदम उठाए जा रहे हैं:
आर्थिक दंड: गलत तरीके से हाई-बीम का उपयोग करने पर ₹1,000 से लेकर ₹5,000 तक का चालान काटा जा सकता है।
लाइसेंस पर आंच: गंभीर मामलों में चालक का ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित (Suspend) किया जा सकता है।
सख्त कार्रवाई: यदि कोई बार-बार यही गलती दोहराता है, तो दंड की राशि और सजा और भी कड़ी होगी।
सुरक्षित सफर का 'लाइट' मंत्र
पुलिस विभाग ने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को नाकाबंदी के दौरान विशेष रूप से लाइट सेटिंग्स की जांच करने के निर्देश दिए हैं। सुरक्षित सफर के लिए ड्राइवरों को यह सलाह दी गई है:
लो-बीम को प्राथमिकता: रात में ड्राइविंग के दौरान अपनी हेडलाइट्स को 'लो-बीम' मोड पर रखें। यह सड़क पर पर्याप्त रोशनी देती है और सामने वाले की आंखों में नहीं चुभती।
डीपर का सही प्रयोग: केवल पास देने या संकेत देने के लिए ही हाई-बीम (डीपर) का क्षणिक इस्तेमाल करें।
जिम्मेदारी का अहसास: याद रखें कि आपकी गाड़ी की तेज रोशनी किसी दूसरे परिवार के लिए अंधेरा ला सकती है।
हिमाचल पुलिस की इस पहल का मकसद केवल चालान काटना नहीं, बल्कि लोगों को जिम्मेदार ड्राइविंग के प्रति जागरूक करना है ताकि पहाड़ों का सफर सुहाना और सुरक्षित बना रहे।