Edited By Vijay, Updated: 10 Feb, 2026 01:26 PM

हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में स्थित सीएसआईआर-हिमालयन जैव संसाधन प्रौद्योगिकी संस्थान का परिसर एक बार फिर रंग-बिरंगे ट्यूलिप फूलों की खुशबू और सुंदरता से महक उठा है।
पालमपुर: हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में स्थित सीएसआईआर-हिमालयन जैव संसाधन प्रौद्योगिकी संस्थान का परिसर एक बार फिर रंग-बिरंगे ट्यूलिप फूलों की खुशबू और सुंदरता से महक उठा है। यह हिमाचल प्रदेश का एकमात्र और देश का दूसरा सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन है, जिसे अब आम जनता और पर्यटकों के दीदार के लिए खोल दिया गया है। संस्थान ने इस बार गार्डन में लगभग 50 हजार ट्यूलिप बल्ब लगाए हैं। यहां आने वाले पर्यटकों को 6 आकर्षक रंगों गुलाबी, लाल, संतरी, सफेद और पीले रंग के ट्यूलिप देखने को मिलेंगे। फूलों की यह खूबसूरती न केवल आंखों को सुकून दे रही है, बल्कि पालमपुर की वादियों में चार चांद लगा रही है।
नि:शुल्क मिलेगा प्रवेश और पूरे हफ्ते खुला रहेगा गार्डन
संस्थान के निदेशक डॉ. सुधेश कुमार यादव और प्रधान वैज्ञानिक भव्य भार्गव ने बताया कि इस बार पर्यटकों की सुविधा के लिए गार्डन को सप्ताह के सातों दिन खुला रखने का निर्णय लिया गया है। सबसे खास बात यह है कि इस बार भी आम जनता के लिए प्रवेश पूरी तरह नि:शुल्क रखा गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले सकें।
पर्यटन और पुष्प कृषि को मिलेगा बढ़ावा
डॉ. यादव के अनुसार यह गार्डन न केवल पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि हिमालयी क्षेत्रों में फ्लोरीकल्चर (फूलों की खेती) की अपार संभावनाओं को भी प्रदर्शित करता है। गौरतलब है कि पिछले वर्षों में यहां करीब साढ़े 4 लाख लोग पहुंच चुके हैं, जबकि पिछले वर्ष ही एक लाख से अधिक पर्यटकों ने ट्यूलिप के दीदार किए थे।
श्रीनगर के बाद देश का दूसरा ट्यूलिप गार्डन
श्रीनगर के बाद देश का यह दूसरा ट्यूलिप गार्डन अब हिमाचल के पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख केंद्र बन चुका है। रंग-बिरंगे फूलों से सजा यह परिसर न केवल स्थानीय सुंदरता को बढ़ा रहा है, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था और पर्यटन क्षेत्र को भी नई मजबूती दे रहा है। अगर आप भी फूलों के शौकीन हैं और प्रकृति के करीब जाना चाहते हैं, तो पालमपुर का यह ट्यूलिप गार्डन इस समय सबसे बेहतरीन जगह है।