Edited By Jyoti M, Updated: 09 Feb, 2026 03:55 PM

मंडी के सौली खड्ड क्षेत्र में सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक निजी बस परिचालक का शव रहस्यमयी हालात में बरामद हुआ। यह मामला महज एक हादसा है या सोची-समझी साजिश, इसे लेकर सस्पेंस गहरा गया है क्योंकि परिजनों ने सीधे तौर पर हत्या का आरोप लगाया है।
हिमाचल डेस्क। मंडी के सौली खड्ड क्षेत्र में सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक निजी बस परिचालक का शव रहस्यमयी हालात में बरामद हुआ। यह मामला महज एक हादसा है या सोची-समझी साजिश, इसे लेकर सस्पेंस गहरा गया है क्योंकि परिजनों ने सीधे तौर पर हत्या का आरोप लगाया है।
रहस्यमयी मौत: क्या हुआ उस रात?
लंबाथाच के बगलयारा गांव के रहने वाले 36 वर्षीय रविंद्र (रिंकू) देर शाम अपनी ड्यूटी खत्म कर मंडी शहर पहुंचे थे। परिजनों के अनुसार, उस वक्त उनके पास नकदी से भरा बैग और अन्य सामान मौजूद था। पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि शनिवार रात रविंद्र एक चालक और दो अन्य साथियों के साथ थे।
हैरानी की बात यह है कि रविवार सुबह रविंद्र का शव सौली खड्ड के पास एक नाले के किनारे मिला, जबकि सीसीटीवी फुटेज में उनके साथ मौजूद अन्य दो लोग अलग-अलग दिशाओं में जाते हुए दिखाई दे रहे हैं।

परिजनों के गंभीर आरोप और मौके की स्थिति
मृतक के पिता और जीजा सहित अन्य रिश्तेदारों ने इस घटना को सोची-समझी हत्या करार दिया है। उनके दावों ने पुलिस की जांच को और गंभीर बना दिया है। परिजनों का कहना है कि जब शव मिला, तब रविंद्र के पैरों से जूते, शरीर से जैकेट और पैसों वाला बैग गायब था। हालांकि, बाद में पुलिस ने कुछ सामान घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर बरामद कर लिया है।
शव के सिर पर गहरे घाव के निशान मिले हैं, जो किसी संघर्ष या हमले की ओर इशारा करते हैं। परिजनों का मानना है कि हत्या के बाद साक्ष्यों को मिटाने या शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की गई है।
जांच के दायरे में पुलिस और फोरेंसिक टीम
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मंडी पुलिस ने चौतरफा जांच शुरू कर दी है। क्षेत्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (RFSL) की टीम ने मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं ताकि मौत के सही कारणों का पता लगाया जा सके। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है। पुलिस उन दो साथियों की तलाश और उनसे पूछताछ पर ध्यान केंद्रित कर रही है जो आखिरी बार रविंद्र के साथ देखे गए थे।
एसपी मंडी, विनोद कुमार ने स्पष्ट किया है कि पुलिस हर तकनीकी और जमीनी पहलू पर काम कर रही है, लेकिन मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आधिकारिक तौर पर साफ हो पाएगी। फिलहाल, पुलिस इसे संदिग्ध मौत मानकर चल रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही अगली कानूनी धाराएं जोड़ी जाएंगी।