Shimla: पर्यटन प्रोजैैक्टों को अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद 3 वर्ष में पूरा करना होगा कार्य

Edited By Kuldeep, Updated: 31 Jan, 2026 10:19 PM

shimla tourism project final approval

हिमाचल प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने पर्यटन निवेश संवर्धन परिषद (टी.आई.पी.सी.) के नए नियम लागू कर दिए हैं।

शिमला (अभिषेक): हिमाचल प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने पर्यटन निवेश संवर्धन परिषद (टी.आई.पी.सी.) के नए नियम लागू कर दिए हैं। इसके तहत पर्यटन प्रोजैैक्टों को अब 30 दिनों में स्वीकृति मिलेगी और प्रोजैक्ट को अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद प्रोजैैक्ट तैयार करने वाले को 3 वर्ष में कार्य पूरा करना होगा। पर्यटन निवेश संवर्धन परिषद प्रोजैक्ट पूरा करने के लिए उक्त समयावधि को प्रोजैक्ट तैयार करने वाले से कारण जानकर प्रोजैक्ट की 10 प्रतिशत अतिरिक्त कॉस्ट लेकर समय सीमा को अधिकतम 2 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। इस बीच वसूली जाने वाली प्रोजैक्ट की 10 प्रतिशत अतिरिक्त कॉस्ट नॉन रिफंडेबल होगी।

प्रदेश सरकार ने राज्य में पर्यटन निवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश पर्यटन निवेश संवर्धन परिषद नियम-2025 अधिसूचित कर दिए हैं। प्रदेश सरकार ने बीते माह हिमाचल प्रदेश पर्यटन निवेश संवर्धन परिषद के अंतर्गत नियम व शर्तें तय करने को लेकर तैयार किए गए ड्राफ्ट को लेकर आपत्तियां आमंत्रित करने के बाद अब ड्राफ्ट के अनुसार नए नियम लागू कर दिए हैं। ड्राफ्ट को लेकर तय समयावधि में कोई आपत्ति प्राप्त नहीं हुई।

नए नियमों के तहत पर्यटन निवेश संवर्धन परिषद का गठन किया गया है। परिषद के अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे, जबकि पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री उपाध्यक्ष होंगे। परिषद में मुख्य सचिव सहित वित्त, राजस्व, उद्योग, वन, शहरी विकास, पर्यावरण, ऊर्जा, जल शक्ति और नगर एवं ग्राम नियोजन विभागों के वरिष्ठ अधिकारी सदस्य होंगे। निदेशक पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग सदस्य-सचिव होंगे।

परिषद की प्रमुख जिम्मेदारियों में राज्य में पर्यटन निवेश के लिए समग्र और पारदर्शी मंच तैयार करना, पर्यटन परियोजनाओं में 50 करोड़ रुपए से अधिक निवेश वाले प्रस्तावों का प्रबंधन और अनुमोदन करना, निवेश को पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ और आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाना व निवेश प्रस्तावों को 30 कार्य दिवस में सैद्धांतिक स्वीकृति देना शामिल है।

पर्यटन परियोजनाओं के लिए आवेदन फॉर्म-1 में आवश्यक दस्तावेजों सहित करना होगा। आवेदन में कमी पाए जाने पर 3 कार्य दिवस में सूचित किया जाएगा। सभी वैधानिक अनुमतियां संबंधित विभागों से समयबद्ध रूप से दिलाई जाएंगी। ऑनलाइन पोर्टल विकसित होने तक आवेदन ऑफलाइन स्वीकार किए जाएंगे। गलत जानकारी देने या नियमों का उल्लंघन करने पर सुरक्षा राशि जब्त करने और भविष्य में आवेदन से स्थायी रूप से वंचित करने का प्रावधान रखा गया है।

प्रस्तावों को समय पर मंजूरी देने के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश पर्यटन निवेश संवर्धन परिषद के अधिकार क्षेत्र में आने वाली सभी पर्यटन परियोजनाओं जिनके लिए हिमाचल प्रदेश काश्तकारी एवं भूमि सुधार अधिनियम, 1972 की धारा 118 के तहत अनुमति की आवश्यकता है (जो एक वैधानिक प्रावधान है) के लिए अब से राजस्व विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन किया जाएगा और एक रिसीट भी पर्यटन विभाग को प्रस्तुत की जाएगी, जो आगामी मंजूरी के लिए राजस्व विभाग के साथ समन्वय करेगा। सरकार की मंजूरी राजस्व विभाग द्वारा आवेदन जमा करने की तिथि से 14 कार्य दिवसों की निर्धारित अवधि के भीतर प्रदान की जाएगी।

पर्यटन परियोजनाओं के लिए 10 लाख रुपए पंजीकरण शुल्क तय
सामान्य पर्यटन परियोजनाओं के लिए 10 लाख रुपए पंजीकरण शुल्क तय किया गया है। रियल एस्टेट पर्यटन परियोजनाओं के लिए 20 लाख रुपए शुल्क तय किया है। आवेदन के साथ 1 करोड़ रुपए की सुरक्षा राशि जमा करनी होगी, जो शर्तें पूरी होने पर लौटाई जाएगी।

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