Edited By Kuldeep, Updated: 28 Jan, 2026 08:33 PM

लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने छैला-यशवंतनगर-औछघाट मार्ग को केंद्र द्वारा 200 करोड़ व चैलचौक-जंजैहली मार्ग के लिए 136 करोड़ रुपए की मंजूरी के लिए भाजपा सांसदों द्वारा श्रेय लेने के सवाल पर कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार है और प्रदेश के...
शिमला (भूपिन्द्र): लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने छैला-यशवंतनगर-औछघाट मार्ग को केंद्र द्वारा 200 करोड़ व चैलचौक-जंजैहली मार्ग के लिए 136 करोड़ रुपए की मंजूरी के लिए भाजपा सांसदों द्वारा श्रेय लेने के सवाल पर कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार है और प्रदेश के चारों सांसद भी भाजपा के हैं। उन्होंने भी अपनी भूमिका निभाई होगी, लेकिन इन परियोजनाओं की डीपीआर राज्य सरकार ने तैयार कर केंद्र को भेजी। बिना डीपीआर के कोई भी मंजूरी संभव नहीं है। उनका लक्ष्य दलगत राजनीति से ऊपर उठकर प्रदेश का विकास करना है।
बुधवार को शिमला में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि जिला शिमला के ऊपरी क्षेत्रों चौपाल, जुब्बल-कोटखाई और रोहड़ू क्षेत्र के बागवानों की लंबे समय से मांग थी कि छैला-यशवंतनगर-ओछघाट मार्ग को सुधारा जाए। इसे देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने डी.पी.आर. केंद्र को भेजी तथा कई बार यह मुद्दा केंद्र से उठाया। अब इसकी प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी कर जल्द कार्य शुरू किया जाएगा, जिससे 5 विधानसभा क्षेत्रों को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि मंडी जिले के सराज और थुनाग क्षेत्रों में भारी नुक्सान के बाद चैलचौक से जंजैहली मार्ग के लिए 136 करोड़ रुपए की मंजूरी मिली है और इसके लिए जल्द टैंडर प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
विक्रमादित्य की सैलानियों से अपील : वाहन छोड़कर न जाएं, जाम की समस्या बढ़ रही
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि सड़क खोलने में एक बड़ी समस्या सैलानियों द्वारा वाहन सड़क पर छोड़ देने से उत्पन्न हो रही है। थोड़ी फिसलन होने पर कई पर्यटक वाहन छोड़कर चले जाते हैं, जिससे लंबे ट्रैफिक जाम लग रहे हैं और पुलिस प्रशासन को भी भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने सैलानियों से आग्रह किया कि यदि वाहन फंस जाए तो उसे सड़क के किनारे लगाने का प्रयास करें।
केंद्रीय बजट से आरडीजी बढ़ाने की उम्मीद
मंत्री ने कहा कि राज्य को मिलने वाली रेवैन्यू डैफिसिट ग्रांट (आरडीजी) लगातार घट रही है, जो प्रदेश के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी केंद्रीय बजट में 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार हिमाचल को आरडीजी बढ़ाकर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा धर्मशाला में घोषित 1500 करोड़ रुपए की सहायता राशि अब तक प्राप्त नहीं हुई है, जिस पर केंद्र से सकारात्मक सहयोग की अपेक्षा है।
सेब आयात पर बढ़ाया जाए शुल्क
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि न्यूजीलैंड, चीन और तुर्की से आयात हो रहे सेब पर शुल्क बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया तभी सफल होगा जब देश की अर्थव्यवस्था और किसानों को मजबूत किया जाएगा।