Shimla: तीन वर्षों में हिमाचल बनेगा स्वास्थ्य क्षेत्र में देश का नंबर वन राज्य : सुक्खू

Edited By Kuldeep, Updated: 18 Jan, 2026 06:15 PM

shimla himachal pradesh health sector number one

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन के लक्ष्य के तहत किए जा रहे सुधारों के परिणामस्वरूप स्वास्थ्य क्षेत्र में एक वर्ष के भीतर क्रांतिकारी बदलाव दिखाई देंगे।

शिमला (संतोष): मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन के लक्ष्य के तहत किए जा रहे सुधारों के परिणामस्वरूप स्वास्थ्य क्षेत्र में एक वर्ष के भीतर क्रांतिकारी बदलाव दिखाई देंगे। आगामी तीन वर्षों में हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में देश का नंबर वन राज्य बनेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए जायका चरण-दो के तहत 1300 करोड़ रुपए खर्च करेगी।

उन्होंने कहा कि आगामी तीन वर्षों में स्वास्थ्य संस्थानों को विश्व स्तरीय उपकरणों से लैस करने के लिए लगभग 3000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। वह पीटरहॉफ में प्रदेश के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, खंड चिकित्साधिकारियों तथा चिकित्सा अधीक्षकों के साथ आयोजित राज्य स्तरीय संवाद सत्र को संबोधित कर रहे थे। प्रदेश में पहली बार मुख्यमंत्री के साथ सीएमओ, बीएमओ और एमएस का इस प्रकार का सीधा संवाद आयोजित किया गया। लगभग साढ़े चार घंटे तक चले इस संवाद सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और सुझावों पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न विषयों पर निर्णय लेते हुए मौके पर ही समस्याओं का समाधान किया तथा अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। सचिव स्वास्थ्य प्रियंका बासु इंगटी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए विभाग से संबंधित जानकारी सांझा की। निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं गोपाल बेरी ने स्वास्थ्य विभाग की प्रगति पर प्रस्तुति दी। संवाद सत्र में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा, विधायक सुरेश कुमार एवं विवेक शर्मा, महाधिवक्ता अनूप रतन, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी, मिशन निदेशक एनएचएम प्रदीप ठाकुर व हिमाचल चिकित्सा अधिकारी संघ के अध्यक्ष राजेश राणा सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएमओ, बीएमओ, एमएस को दिए जाएंगे और अधिकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य प्रशासन को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए प्रशासनिक ढांचे में वित्तीय शक्तियों का विकेंद्रीकरण किया जाएगा। सीएमओ, बीएमओ और एमएस को और अधिक वित्तीय अधिकार प्रदान किए जाएंगे। प्रक्रियाओं को सरल एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से वित्तीय नियमों में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता व्यवस्था से संबंधित निर्णय लेने और उससे जुड़ी वित्तीय शक्तियां सीएमओ को प्रदान की जाएंगी। अस्पतालों में आवश्यक व्यय को ध्यान में रखते हुए एमएस और सीएमओ के लिए विशेष निधि का भी प्रावधान किया जाएगा।

जॉब ट्रेनी डाक्टरों के वेतन बढ़ौतरी पर किया जा रहा विचार
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जॉब ट्रेनी डॉक्टरों के वेतन में बढ़ौतरी करने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 236 चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया प्रगति पर है तथा 150 अतिरिक्त पद भी स्वीकृत किए गए हैं। भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार दोनों के अंकों को अंतिम परिणाम में शामिल करने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्थापित किए जा रहे आदर्श स्वास्थ्य संस्थान स्वास्थ्य सेवाओं में अहम भूमिका निभाएंगे।

इन संस्थानों को विश्व स्तरीय गुणवत्ता के उपकरण उपलब्ध करवाए जाएंगे। 15 वर्ष पुराने उपकरण बदले जाएंगे, जिससे मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और चिकित्सकों पर कार्यभार भी कम होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य संस्थानों के जिन भवनों का निर्माण कार्य 60 प्रतिशत से अधिक पूर्ण हो चुका है, उन्हें 31 मार्च 2026 तक अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी चिकित्सा उपकरण एम्स मापदंडोंं के अनुरूप खरीदे जाएंगे। सीटी स्कैन मशीनें दस वर्ष की मरम्मत गारंटी के साथ क्रय की जाएंगी।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में चिकित्सा सेवाओं में रोबोटिक सर्जरी और स्मार्ट लैब को शामिल किया जा रहा है। चमियाणा व टांडा अस्पतालों में रोबोटिक सर्जरी आरंभ की जा चुकी है। शीघ्र ही यह सुविधा नेरचौक और हमीरपुर मैडीकल कॉलेज में भी शुरू की जाएगी। चमियाणा अस्पताल में अब तक 120 रोबोटिक सर्जरी सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं। राज्य सरकार स्मार्ट लैब स्थापित करने के लिए 75 करोड़ रुपए व्यय करेगी, जहां एक ही ब्लड सैंपल से सभी आवश्यक जांच संभव होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि रोगी कल्याण समितियों में भी आवश्यक सुधार किए जाएंगे। हिम केयर योजना का ऑडिट करवाया जा रहा है और इसे और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। इसके अंतर्गत चिकित्सा अधीक्षकों को भी 100 हिम केयर कार्ड जारी करने की शक्तियां प्रदान की जाएंगी।

तीन वर्षों में धन की कमी को विकास में नहीं बनने दिया जाएगा बाधक: शांडिल
स्वास्थ्य मंत्री डा. (कर्नल) धनीराम शांडिल ने स्वास्थ्य क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता देने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाया जा रहा है और तीन वर्षों में धन की कमी को विकास में बाधा नहीं बनने दिया गया। उन्होंने कहा कि आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में उच्च गुणवत्ता की सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए बहुआयामी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नशे की चपेट में आए युवाओं का पुनर्वास प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने चिकित्सकों से इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

Related Story

Trending Topics

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!