Edited By Kuldeep, Updated: 06 Jan, 2026 10:15 PM

सीमैंट दाम बढ़ौतरी पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर द्वारा दिए गए बयान पर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन ने पलटवार किया है। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर तथ्यहीन बयानबाजी कर लोगों को...
शिमला (ब्यूरो): सीमैंट दाम बढ़ौतरी पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर द्वारा दिए गए बयान पर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन ने पलटवार किया है। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर तथ्यहीन बयानबाजी कर लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीमैंट के दाम सरकार द्वारा तय नहीं किए जाते हैं। सीमैंट का उत्पादन निजी कम्पनियों द्वारा किया जाता है और दाम कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया द्वारा निर्धारित किए जाते हैं। इस तथ्य से आमजन भी भली-भांति परिचित हैं।
प्रदेश सरकार ने सीमैंट पर लगने वाले टैक्स में किसी भी तरह की बढ़ौतरी नहीं की है, जिससे कि सीमैंट के दामों में वृद्धि हो। उद्योग मंत्री और तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान प्रदेश में सीमैंट के दाम वर्तमान दामों से 40 से 50 रुपए अधिक थे। वर्तमान सरकार ने लोगों को महंगाई से राहत प्रदान करने के लिए निरंतर कदम उठाए हैं। समाज के उपेक्षित तथा कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों में सुर्खियां प्राप्त करने के लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करना उचित नहीं है।
आपदा प्रभावितों की मदद के लिए सरकार ने प्रभावी कदम उठाए
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने आपदा से प्रभावित लोगों की मदद के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं। आपदा प्रभावितों के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विशेष राहत पैकेज लाया है, जिसके तहत नुक्सान होने पर प्रदान की जाने वाली राहत राशि में कई गुना बढ़ौतरी की गई है।
हर्षवर्धन चौहान और राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार आपदा से क्षतिग्रस्त लोगों के घर-दुकान और सार्वजनिक आधारभूत ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष को बयान जारी करने से पहले तथ्यों की जांच करने का परामर्श देते हुए कहा कि प्रदेश की जनता वास्तविकता से भली-भांति परिचित है।