Edited By Kuldeep, Updated: 07 Feb, 2026 05:25 PM

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए हिमाचल प्रदेश को 46.125 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि (इंसैंटिव फंड) या मदर सैंक्शन प्रदान की गई है।
शिमला (भूपिन्द्र): प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए हिमाचल प्रदेश को 46.125 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि (इंसैंटिव फंड) या मदर सैंक्शन प्रदान की गई है। यह राशि भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा बेहतर गुणवत्ता, समयबद्ध निर्माण और परियोजनाओं की सफल पूर्णता के आधार पर जारी की गई है। इसकी जानकारी लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से दी है। साथ ही उन्हाेंने इसको लेकर केंद्र की ओर से जारी पत्र भी शेयर किया है। इसमें कहा गया है कि यह राशि पहले के वर्षों में अप्रयुक्त रहे केंद्रीय वित्तीय प्रोत्साहन के हिस्से को पुन: आबंटित करते हुए वित्त वर्ष 2025-26 के लिए दी गई है।
प्रोत्साहन राशि का उपयोग विशेष रूप से दूरदराज, जनजातीय, सीमा और दुर्गम क्षेत्रों में सड़कों की मजबूती, क्रॉस-ड्रेनेज संरचनाओं, पुलियों, ढाल नियंत्रण, ब्लैक-स्पॉट सुधार और आवश्यक अपग्रेडेशन कार्यों के लिए किया जाएगा। यानि पहले से निर्मित ग्रामीण सड़कों के रखरखाव पर खर्च हाेगी। इससे किसानों, विद्यार्थियों, युवाओं और ग्रामीण आबादी को स्वास्थ्य, शिक्षा, बाजार और आपातकालीन सेवाओं तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित होगी। केंद्र द्वारा पत्र के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश को इससे पहले भी पीएमजीएसवाई के तहत 550 करोड़, 48.176 करोड़ और 322.044 करोड़ रुपए की मदर सैंक्शन दी जा चुकी है, जिनमें से 611.56 करोड़ रुपए का उपयोग हो चुका है, जबकि 308.66 करोड़ रुपए की राशि आगे के लिए कैरी फॉरवर्ड की गई है। नई सैंक्शन के बाद राज्य के लिए कुल प्रभावी मदर सैंक्शन 354.785 करोड़ रुपए हो गई है। पत्र में यह भी उल्लेख है कि कार्यक्रम निधियों की कमी के चलते जून-जुलाई 2025 में राज्य ने 51.25 करोड़ रुपए की वित्तीय प्रोत्साहन राशि को कार्यक्रम फंड के रूप में उपयोग किया था। अब 46.125 करोड़ रुपए की केंद्रीय हिस्सेदारी को पुनः समायोजित किया गया है।
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने फेसबुक पर लिखा कि पहाड़ी और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद हिमाचल प्रदेश ने पीएमजीएसवाई के मानकों के अनुरूप सड़कों के निर्माण, उन्नयन और रखरखाव को प्राथमिकता दी, जिससे राज्य राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों की श्रेणी में शामिल हुआ है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत मिली 46 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि राज्य के लिए गर्व का विषय है। आने वाले समय में भी लोक निर्माण विभाग पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ ग्रामीण सड़क अवसंरचना को और सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।