Edited By Swati Sharma, Updated: 29 Jan, 2026 05:31 PM

Himachal Cabinet Expansion: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के आगामी बजट सत्र से पहले राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, सरकार बड़े स्तर पर बदलाव की तैयारी में है। बजट सत्र से पहले मंत्रिमंडल विस्तार के साथ-साथ बोर्ड और निगमों में...
Himachal Cabinet Expansion: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के आगामी बजट सत्र से पहले राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, सरकार बड़े स्तर पर बदलाव की तैयारी में है। बजट सत्र से पहले मंत्रिमंडल विस्तार के साथ-साथ बोर्ड और निगमों में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पदों पर नियुक्तियां की जा सकती हैं। इसे लेकर सरकार और संगठन दोनों स्तरों पर मंथन शुरू हो गया है।
मंत्रिमंडल में एक पद खाली
इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और हिमाचल प्रदेश कांग्रेस समिति (एचपीसीसी) के अध्यक्ष विनय कुमार को गणतंत्र दिवस समारोह के बाद नयी दिल्ली बुलाया गया। सुक्खू और अग्निहोत्री ने एआईसीसी प्रभारी रजनी पाटिल की मौजूदगी में मंगलवार को कांग्रेस संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल से मुलाकात की, जबकि विनय कुमार ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ अलग बैठक की। बैठक में मंत्रिमंडल विस्तार, राजनीतिक नियुक्तियों और संगठनात्मक संतुलन पर चर्चा हुई।वर्तमान में राज्य मंत्रिमंडल में एक मंत्री पद रिक्त है। कांगड़ा जिले से विधायक संजय रत्न और पालमपुर से विधायक आशीष बुटेल, जबकि कुल्लू जिले से वरिष्ठ विधायक सुंदर ठाकुर का नाम मंत्री पद की दौड़ में बताया जा रहा है। इसके साथ ही विधानसभा उपाध्यक्ष का पद भी अभी रिक्त है, जिसे लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं। संभावना जताई जा रही है कि इन नेताओं में से किसी एक को विधानसभा उपाध्यक्ष बनाया जा सकता है।
दो साल से कम का कार्यकाल
प्रदेश सरकार तीन साल का कार्यकाल पूरा कर चुकी है और अब शेष अवधि दो साल से भी कम रह गई है। ऐसे में आने वाला समय सरकार के लिए अहम माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों में क्षेत्रीय और जातीय संतुलन को प्राथमिकता दी जाएगी। यह भी खबर है कि कुछ मंत्रियों के विभागों में बदलाव किया जा सकता है।
संगठनात्मक नियुक्तियों पर मंथन
दिल्ली में हुई बैठकों में हिमाचल कांग्रेस कार्यकारिणी के गठन पर भी चर्चा हुई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बने हुए करीब डेढ़ महीना हो चुका है, लेकिन अब तक केवल जिला अध्यक्षों की नियुक्ति हो पाई है। जिला और ब्लॉक स्तर की कार्यकारिणियां तथा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) का गठन अभी लंबित है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी नेतृत्व चाहता है कि पंचायत चुनाव से पहले संगठनात्मक नियुक्तियों की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।