Himachal Congress: हिमाचल कांग्रेस की अंदरूनी कलह पर हाईकमान एक्टिव, AICC ने दिया दखल

Edited By Swati Sharma, Updated: 29 Jan, 2026 12:07 PM

internal conflict intensifies in himachal congress aicc intervenes

Himachal Congress: हिमाचल प्रदेश में कैबिनेट मंत्रियों के बीच शासन और नौकरशाही के कामकाज को लेकर सार्वजनिक असहमति जाहिर किए जाने से पार्टी को शर्मिंदगी उठानी पड़ी है और कांग्रेस हाईकमान ने अंदरूनी मतभेदों पर पार पाने के लिए दखल दिया है। कुछ मंत्रियों...

Himachal Congress: हिमाचल प्रदेश में कैबिनेट मंत्रियों के बीच शासन और नौकरशाही के कामकाज को लेकर सार्वजनिक असहमति जाहिर किए जाने से पार्टी को शर्मिंदगी उठानी पड़ी है और कांग्रेस हाईकमान ने अंदरूनी मतभेदों पर पार पाने के लिए दखल दिया है। कुछ मंत्रियों की ओर से वरिष्ठ अधिकारियों पर राज्य के हितों के खिलाफ काम करने का खुलेआम आरोप लगाने के बाद स्थिति और बिगड़ गयी। इसके बाद दूसरों ने भी तीखे जवाबी हमले किए और अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (AICC) को दखल देना पड़ा।

केंद्रीय नेतृत्व ने कड़ा संदेश किया जारी

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और हिमाचल प्रदेश कांग्रेस समिति (एचपीसीसी) के अध्यक्ष विनय कुमार को गणतंत्र दिवस समारोह के बाद नयी दिल्ली बुलाया गया है। सुक्खू और अग्निहोत्री ने एआईसीसी प्रभारी रजनी पाटिल की मौजूदगी में मंगलवार को कांग्रेस संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल से मुलाकात की, जबकि विनय कुमार ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ अलग बैठक की। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय नेतृत्व ने कड़ा संदेश जारी किया है। इसमें राज्य के नेताओं को सरकार और पार्टी दोनों मामलों में एकता और तालमेल बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। इन बैठकों ने कैबिनेट में फेरबदल और विस्तार की अटकलों को भी फिर से हवा दे दी है। एक खाली कैबिनेट सीट जल्द ही भरी जा सकती है, जबकि मंत्रियों के विभागों में भी बदलाव से इनकार नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक एवं सांगठनिक फेरबदल के संकेत दिये हैं। इससे पता चलता है कि सुधार के कदम जल्द ही उठाए जायेंगे।

विक्रमादित्य सिंह की मंत्री पद की भूमिका में की जा सकती है कटौती

नेतृत्व की चिंताओं को बढ़ाते हुए ऐसी खबरें आ रही हैं कि विक्रमादित्य सिंह की मंत्री पद की भूमिका में कटौती की जा सकती है। इस कारण युवा कांग्रेस के नेताओं के एक वर्ग ने सार्वजनिक रूप से उनके समर्थन में लामबंदी शुरू कर दी है। एकजुटता के इस प्रदर्शन ने एआईसीसी के लिए आंतरिक समीकरणों को और अधिक जटिल बना दिया है। अप्रैल में होने वाले राज्यसभा चुनावों को देखते हुए राजनीतिक दांव-पेच बहुत बढ़ गए हैं। कांग्रेस नेतृत्व 2024 के राज्यसभा चुनाव जैसी हार की पुनरावृत्ति को लेकर सतर्क है और गुटबाजी से बचने के लिए सतर्क है। पार्टी के किसी ‘बाहरी' उम्मीदवार को मैदान में उतारने की अटकलों और रजनी पाटिल का नाम सामने आने से पार्टी के भीतर एक और विभाजन की आशंका पैदा हो गयी है। कांग्रेस अभी सिर्फ तीन राज्यों में सत्ता में है, इसलिए केंद्रीय नेतृत्व हिमाचल प्रदेश में अस्थिरता बर्दाश्त नहीं कर सकती। आने वाले हफ्तों में राज्य इकाई में अनुशासन और एकता वापस लाने के लिए जरूरी सांगठनिक और राजनीतिक फैसले की उम्मीद है। 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!