Shimla: स्कूलों में डैपुटेशन नहीं, भेजे जाएं नियमित शिक्षक

Edited By Kuldeep, Updated: 27 Apr, 2026 04:55 PM

shimla deputation regular teacher

स्कूलों में डैपुटेशन नहीं, बल्कि नियमित आधार पर शिक्षक दिए जाने चाहिए। शिक्षा विभाग ने हाल ही में आदेश जारी किए हैं, जिसमें सभी अध्यापकों को स्कूलों में सभी कक्षाओं में पढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

शिमला (ब्यूरो): स्कूलों में डैपुटेशन नहीं, बल्कि नियमित आधार पर शिक्षक दिए जाने चाहिए। शिक्षा विभाग ने हाल ही में आदेश जारी किए हैं, जिसमें सभी अध्यापकों को स्कूलों में सभी कक्षाओं में पढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षकों का कहना है कि यह निर्णय व्यावहारिक और तर्कसंगत नहीं है, क्योंकि प्रत्येक अध्यापक की विषय विशेषज्ञता अलग-अलग होती है।

ऐसे में शिक्षक सभी विषयों को कैसे पढ़ा सकते हैं। शिक्षकों का मानना है कि एक गणित या विज्ञान का अध्यापक यदि भाषा विषय पढ़ाएगा या इसके विपरीत कोई अन्य विषय पढ़ाएगा, तो इससे विद्यार्थियों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रभावित हो सकती है। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पवन मिश्रा ने कहा कि विषय विशेषज्ञता के आधार पर ही अध्यापन की गुणवत्ता तय होती है। सभी अध्यापकों को हर विषय पढ़ाने का निर्देश न केवल अव्यावहारिक है, बल्कि इससे विद्यार्थियों के परिणामों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद सूद ने कहा है कि यह निर्णय अल्पकालिक समाधान तो हो सकता है, लेकिन दीर्घकाल में शिक्षा की गुणवत्ता को नुक्सान पहुंचा सकता है। उन्होंने कहा है कि विभाग को विषयवार पदों की पूर्ति और शिक्षकों के उचित समायोजन पर ध्यान देना चाहिए।

प्रांत मीडिया प्रमुख शशि शर्मा ने कहा है कि छात्रों को अन्य विषय के विशेषज्ञों द्वारा पढ़ाया जाना विपरीत परिणाम ही देगा। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के सभी पदाधिकारियों ने सरकार व शिक्षा विभाग से आग्रह किया कि इस संबंध में निकाले आदेशों को तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाए और स्कूलों में स्थायी भर्ती आवश्यकता के अनुसार की जाए।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!