Edited By Kuldeep, Updated: 28 Apr, 2026 10:45 PM

राज्य में पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों की घोषणा तथा आदर्श आचार संहिता लगने के बाद सरकारी वाहनों का प्रयोग प्रचार के लिए नहीं हो सकेगा।
शिमला (भूपिन्द्र): राज्य में पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों की घोषणा तथा आदर्श आचार संहिता लगने के बाद सरकारी वाहनों का प्रयोग प्रचार के लिए नहीं हो सकेगा। आचार संहिता लागू होते ही मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक, एडवाइजर, बोर्ड-निगमों के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन चुनाव प्रचार में सरकारी गाड़ियों का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। सरकारी वाहन केवल आधिकारिक कार्यों के लिए ही उपयोग किए जाएंगे। चुनाव प्रचार में सरकारी मशीनरी के इस्तेमाल पर भी पूरी तरह रोक रहेगी। इसके अलावा सरकारी उपलब्धियों वाले होर्डिंग हटाने होंगे। इसके साथ ही सरकार और प्रशासन के कामकाज पर कई अहम पाबंदियां भी लागू हो गई हैं।
सभी विभागों को निर्वाचन आयोग के अधीन करना होगा कार्य
चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक सभी विभागों को निर्वाचन आयोग के नियमों के तहत काम करना होगा। अब सरकार अपनी मर्जी से तबादले, प्रमोशन, नई भर्तियों के विज्ञापन, चल रही भर्तियों के परिणाम घोषित करने और नए टैंडर जारी करने जैसे अहम फैसले नहीं ले सकेगी। ऐसे मामलों में राज्य निर्वाचन आयोग से अनुमति लेना जरूरी होगा। इसके अलावा सरकार नई योजनाओं की घोषणा, शिलान्यास, उद्घाटन और जनता को प्रभावित करने वाले फैसले भी नहीं कर पाएगी। सरकारी कार्यालयों में लगे मुख्यमंत्री के फोटो वाले पोस्टर भी हटाने होंगे।
सभी डीसी को दिए आचार संहिता का सख्ती से पालन करने के निर्देश
राज्य चुनाव आयोग ने सभी जिला उपायुक्तों को आचार संहिता का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सरकारी भवनों का उपयोग चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जा सकेगा। अधिकारियों और कर्मचारियों को किसी भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार के पक्ष में काम करने से रोका गया है। पहले से चल रही योजनाएं जारी रहेंगी, लेकिन उनका नया प्रचार नहीं किया जाएगा। नई भर्तियों के विज्ञापन भी आचार संहिता हटने तक जारी नहीं होंगे। पंचायत चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों के साथ-साथ सरकार भी आचार संहिता के दायरे में रहेगी।
मनपसंद के चुनाव चिन्ह नहीं मिलेंगे
पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में उम्मीदवारों को मनपसंद के चुनाव चिन्ह नहीं मिलेंगे। राज्य चुनाव आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि नामांकन पत्र वापस लेने की समय सीमा समाप्त होने के बाद प्रत्याशियों को आयोग की ओर से तय नियमों के अनुसार चुनाव चिन्ह आबंटित किए जाएंगे।