सावधान: पहले 5 मिनट में लोन फिर धमकी और ब्लैकमेलिंग का खेल

Edited By Kuldeep, Updated: 11 Feb, 2026 06:04 PM

shimla fake mobile app crime beware

आसान और त्वरित लोन के नाम पर लोगों को जाल में फंसाने वाले फर्जी मोबाइल एप तेजी से पैर पसार रहे हैं। इसके तहत शातिर आरोपी 5 मिनट में लोन और बिना कागजी कार्रवाई तुरंत पैसा जैसे आकर्षक दावों के जरिए आम लोगों को निशाना बना रहे हैं।

शिमला (राक्टा): आसान और त्वरित लोन के नाम पर लोगों को जाल में फंसाने वाले फर्जी मोबाइल एप तेजी से पैर पसार रहे हैं। इसके तहत शातिर आरोपी 5 मिनट में लोन और बिना कागजी कार्रवाई तुरंत पैसा जैसे आकर्षक दावों के जरिए आम लोगों को निशाना बना रहे हैं। देश में साइबर ठगी के ऐसे बढ़ते मामलों को देखते हुए हिमाचल पुलिस ने भी एक एडवाइजरी जारी कर लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध एप से दूरी बनाने की अपील की है। पुलिस विभाग के अनुसार फर्जी लोन एप सोशल मीडिया विज्ञापनों, व्हाट्सएप मैसेज और फर्जी वैबसाइटों के माध्यम से प्रचारित किए जाते हैं। एप डाऊनलोड करते ही यूजर से मोबाइल के कॉन्टैक्ट, गैलरी, मैसेज और अन्य निजी डाटा तक पहुंच की अनुमति मांगी जाती है। अनजाने में दी गई यह अनुमति ही ठगों का सबसे बड़ा हथियार बन जाती है।

शुरूआत में खाते में छोटी रकम ट्रांसफर कर विश्वास दिलाया जाता है, लेकिन कुछ ही दिनों में अत्यधिक ब्याज और छिपे चार्ज जोड़कर कई गुणा रकम की मांग की जाती है। भुगतान में देरी होने पर पीड़ित को लगातार धमकी भरे कॉल तक किए जाते हैं। कई मामलों में ठग संपर्क सूची में मौजूद रिश्तेदारों और मित्रों को आपत्तिजनक संदेश भेजने या एडिट की गई तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर मानसिक दबाव बनाते हैं और ब्लैकमेल के प्रयास करते हैं। सामने आया है कि अधिकतर फर्जी एप अनजान कंपनियों के नाम से संचालित होते हैं और उनकी कोई वैध पहचान नहीं होती। ये एप अक्सर गूगल प्ले स्टोर के बाहर से डाऊनलोड करवाए जाते हैं या फर्जी रिव्यू के जरिए लोगों को भ्रमित करते हैं।

पुलिस ने एडवाइजरी में स्पष्ट किया है कि यदि कोई एप असामान्य रूप से अधिक ब्याज वसूलता है, पूरा फोन एक्सेस मांगता है या कंपनी की जानकारी स्पष्ट नहीं है तो तुरंत सावधान हो जाएं। केवल आरबीआई से मान्यता प्राप्त बैंक या वित्तीय संस्थान के अधिकृत एप का ही उपयोग करें। यदि कोई व्यक्ति इस जाल में फंस जाता है तो घबराने के बजाय तुरंत शिकायत करें। साथ ही अतिरिक्त भुगतान रोकें, एप को अनइंस्टॉल करें, मोबाइल की परमिशन सैटिंग्स जांचें और सभी साक्ष्य सुरक्षित रखें। साइबर हैल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं या नजदीकी साइबर पुलिस थाने से संपर्क करें।

एप की जानकारी जांचें
एप डाऊनलोड करने से पहले कंपनी का नाम, वैबसाइट, रिव्यू और रेटिंग जरूर देखें। संदिग्ध या नई कंपनी से सावधान रहें। व्हाट्सएप, एस.एम.एस. या सोशल मीडिया पर आए किसी भी लोन ऑफर लिंक पर बिना जांच क्लिक न करें।

जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव
हिमाचल पुलिस ने अपनी एडवाइजरी में कहा कि डिजिटल युग में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। इसलिए किसी भी लोन ऑफर को स्वीकार करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांचें और अनजान एप इंस्टॉल करने से बचें।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!