Edited By Vijay, Updated: 29 Jan, 2026 03:48 PM
हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के नगर निकायों में विकास कार्यों को गति देने और सुचारु संचालन के लिए एक अहम फैसला लिया है।
शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के नगर निकायों में विकास कार्यों को गति देने और सुचारु संचालन के लिए एक अहम फैसला लिया है। सरकार ने एसडीएम को नगर निकायों में 1 लाख से लेकर 5 लाख रुपए तक के विकास कार्य करवाने के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार सौंप दिए हैं। शहरी विकास विभाग की तरफ से इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना बीते दिन जारी कर दी गई है।
विकास कार्यों में नहीं आएगी बाधा
सरकार का यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण है ताकि शहरों में छोटे-मोटे विकास कार्य प्रशासनिक मंजूरी के अभाव में न अटकें। नई व्यवस्था के तहत अब संबंधित क्षेत्रों के एसडीएम सड़क मरम्मत, पेयजल आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट, साफ-सफाई और नालियों की मुरम्मत जैसे जरूरी कार्यों को तत्काल मंजूरी दे सकेंगे। यह प्रशासनिक व्यवस्था तब तक लागू रहेगी जब तक सरकार की ओर से कोई आगामी आदेश जारी नहीं किया जाता।
47 नगर निकायों में प्रशासक नियुक्त
हाल ही में प्रदेश के 47 नगर निकायों में वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारियों, कार्यकारी अधिकारियों और सचिवों को प्रशासक के रूप में नियुक्त किया गया है। अधिसूचना के मुताबिक, प्रशासक के रूप में नियुक्त ये अधिकारी अपने-अपने नगर निकायों में नियमित कार्यों के साथ-साथ शहरी सेवाओं के संचालन की पूरी जिम्मेदारी निभाएंगे। एसडीएम को मिले सीमित वित्तीय अधिकारों से इन प्रशासकों को जनता से जुड़े कार्यों को निपटाने में आसानी होगी।
इन नगर निकायों में नियुक्त किए प्रशासक
सरकार द्वारा जारी सूची के अनुसार जिन नगर निकायों में प्रशासक नियुक्त किए गए हैं और यह व्यवस्था लागू होगी, उनमें बिलासपुर, श्रीनयनादेवी, घुमारवीं, तलाई, चम्बा, डल्हौजी, चुवाड़ी, सुजानपुर टीहरा, नादौन, भोटा, कांगड़ा, नूरपुर, नगरोटा बगवां, देहरा, ज्वालामुखी, बैजनाथ-पपरोला, जवाली, शाहपुर, कुल्लू, मनाली, भुंतर, बंजार, सुंदरनगर, सरकाघाट, जोगिंद्रनगर, नेरचौक, रिवालसर, करसोग, रोहड़ू, रामपुर, ठियोग, सुन्नी, नारकंडा, चौपाल, कोटखाई, जुब्बल, नाहन, पांवटा साहिब, राजगढ़, नालागढ़, परवाणू, अर्की, संतोसगढ़, मैहतपुर-बसदेहड़ा, दौलतपुर चौक, गगरेट और टाहलीवाल शामिल है।