Edited By Swati Sharma, Updated: 05 Feb, 2026 11:36 AM

Himachal News: हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड लिमिटेड की ओर से प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया से बिजली व्यवस्था पूरी तरह हाईटेक होने जा रही है। इस नई तकनीक के तहत उपभोक्ताओं को हर 15 मिनट में बिजली खपत से जुड़ा डाटा उपलब्ध होगा, वहीं...
Himachal News: हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड लिमिटेड की ओर से प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया से बिजली व्यवस्था पूरी तरह हाईटेक होने जा रही है। इस नई तकनीक के तहत उपभोक्ताओं को हर 15 मिनट में बिजली खपत से जुड़ा डाटा उपलब्ध होगा, वहीं बिजली आपूर्ति बाधित होने की सूचना बिना किसी शिकायत के सीधे अधिकारियों तक पहुंच सकेगी। बोर्ड पहले चरण में अब तक साढ़े सात लाख स्मार्ट मीटर स्थापित कर चुका है।
बिजली बोर्ड द्वारा लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर अत्याधुनिक तकनीक से लैस हैं, जो सीधे सर्वर से जुड़े रहेंगे और रियल टाइम में डाटा भेजेंगे। यदि किसी क्षेत्र में अचानक बिजली आपूर्ति बंद होती है, तो संबंधित अधिकारियों को स्वतः इसकी जानकारी मिल जाएगी। इसके बाद फील्ड स्टाफ को तुरंत सूचना भेजी जाएगी, जिससे समय रहते बिजली व्यवस्था बहाल की जा सकेगी। इसके साथ ही बोर्ड प्रबंधन फील्ड स्टाफ की कार्यप्रणाली पर भी बेहतर निगरानी रख पाएगा।
गलत बिलिंग से मिलेगी राहत
वहीं, हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड लिमिटेड द्वारा प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाए जाने से उपभोक्ताओं को गलत बिलिंग और अनुमानित रीडिंग की समस्या से राहत मिलने जा रही है। बोर्ड प्रबंधन का कहना है कि नई तकनीक से न केवल बिलिंग व्यवस्था पारदर्शी होगी, बल्कि बिजली चोरी पर भी प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा। राज्य बिजली बोर्ड लिमिटेड के प्रबंध निदेशक आदित्य नेगी ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद मीटर रीडर को घर-घर जाकर रीडिंग लेने की आवश्यकता काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। इससे मानवीय त्रुटियों की संभावना कम होगी और उपभोक्ताओं को सटीक व समय पर बिजली बिल प्राप्त हो सकेंगे।
बिजली चोरी पर कसेगा शिकंजा
आदित्य नेगी ने कहा कि स्मार्ट मीटर प्रणाली से बिजली चोरी रोकने में भी बड़ी मदद मिलेगी। यदि किसी मीटर में असामान्य बिजली खपत या छेड़छाड़ के संकेत मिलते हैं, तो सिस्टम से तुरंत अलर्ट प्राप्त होगा। इससे बोर्ड समय रहते कार्रवाई कर सकेगा और राजस्व नुकसान पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। अब तक बोर्ड के साउथ जोन के अंतर्गत साढ़े सात लाख स्मार्ट मीटर सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं।