Hamirpur: रोहित व दीक्षा भारतीय सेना में बने लैफ्टिनैंट, सीएम सुक्खू ने दी बधाई

Edited By Vijay, Updated: 06 Sep, 2025 04:37 PM

rohit and diksha became lieutenants in army cm sukhu congratulated them

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के गृह विधानसभा क्षेत्र नादौन के रंघाड़ गांव के रोहित शर्मा ने भारतीय सेना में लैफ्टिनेंट बनकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

नादौन (जैन): मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के गृह विधानसभा क्षेत्र नादौन के रंघाड़ गांव के रोहित शर्मा ने भारतीय सेना में लैफ्टिनेंट बनकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। रोहित शर्मा की प्रारंभिक शिक्षा प्राथमिक विद्यालय रंघाड़ से हुई है। उन्होंने कक्षा 6वीं से 12वीं तक की पढ़ाई जवाहर नवोदय विद्यालय डुंगरी से की, जबकि इंजीनियरिंग की पढ़ाई प्रतिष्ठित जवाहरलाल विश्वविद्यालय से पूरी की है। रोहित की माता ममता आंगनबाड़ी में कार्यरत हैं व पिता अजीत कुमार निजी कार्य करते हैं, जबकि छोटा भाई मोहित शर्मा वर्तमान में एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं।

इस मौके पर रोहित ने कहा कि वह अपने दादा स्वर्गीय बासुदेव शर्मा, दादी स्वर्गीय कलावती व माता-पिता के सहयोग से इस मुकाम तक पहुंचे हैं। वहीं रोहित शर्मा की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है। रोहित की इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि यह बहुत गौरव की बात है कि मेरे विधानसभा क्षेत्र नादौन के रंघाड़ गांव निवासी रोहित शर्मा ने भारतीय सेना में लैफ्टिनैंट बनकर हिमाचल प्रदेश का नाम देशभर में रोशन किया है। उनकी यह शानदार उपलब्धि प्रदेश के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। उन्होंने रोहित शर्मा व उनके परिवार को इस अभूतपूर्व सफलता के लिए हार्दिक बधाई दी है।

उधर, नादौन के जोलसप्पड़ पंचायत की कोहला पलासड़ी गांव की दीक्षा भारतीय सेना में लैफ्टिनैंट बनी हैं। दीक्षा ने अपनी 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई डीएवी स्कूल कांगू से की है, जबकि सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई मंडी से की। उन्होंने एनडीए की परीक्षा में सफलता हासिल करने के बाद सितम्बर से एसएससीडब्ल्यू (टेक) का प्रशिक्षण हासिल करना शुरू किया व प्रशिक्षण अवधि समाप्त होने के बाद दीक्षा गया में पासिंग आऊट परेड में शामिल हुई। इस अवसर पर दीक्षा ने कहा कि मैं अपनी सफलता का श्रेय अपने दादा स्वर्गीय शोभन सिंह, दादी सुखां देवी व माता-पिता सहित अपने अध्यापकों को देती हूं, जिन्होंने मुझे शिक्षा हासिल करने का माहौल प्रदान किया।

बता दें कि दीक्षा के पिता रतन चंद भी सेना में हैं व माता सरिता देवी गृहिणी हैं, जबकि दीक्षा का भाई अक्षरय कुमार इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। इस मौके पर दीक्षा के माता-पिता ने कहा कि दीक्षा बचपन से ही अपने करियर के संबंध में अपनी जिम्मेदारी बखूबी से समझती थी व दीक्षा ने मेहनत और संघर्ष के कारण ही आज इस मुकाम को हासिल किया है। दीक्षा की इस उपलब्धि पर ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बधाई देते हुए कहा है कि वीरों की धरती हमीरपुर में एक ओर बेटी ने यह मुकाम हासिल कर साबित कर दिया है कि आज के युग में बेटियां किसी से कम नहीं है। वह हर मुकाम पर अपना परचम लहरा रही हैं।

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