नयना देवी मंदिर के लिए बनेगा 'मास्टर प्लान'! अब भक्तों को मिलेगी खास सुविधाएं

Edited By Jyoti M, Updated: 24 Mar, 2026 04:54 PM

plan  to be developed for naina devi temple

हिमाचल प्रदेश की पावन धरा पर स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नैना देवी जी अब जल्द ही एक नए और आधुनिक कलेवर में नजर आने वाली हैं। प्रदेश सरकार ने मंदिर परिसर के कायाकल्प और श्रद्धालुओं की सुगमता के लिए एक व्यापक 'मास्टर प्लान' तैयार करने का निर्णय लिया...

हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश की पावन धरा पर स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नयना देवी जी अब जल्द ही एक नए और आधुनिक कलेवर में नजर आने वाली हैं। प्रदेश सरकार ने मंदिर परिसर के कायाकल्प और श्रद्धालुओं की सुगमता के लिए एक व्यापक 'मास्टर प्लान' तैयार करने का निर्णय लिया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य आस्था के इस केंद्र को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करना और यहाँ के बुनियादी ढांचे को एक व्यवस्थित रूप देना है।

छः महीने में तैनात होगा आर्किटेक्ट

विधानसभा में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया कि मंदिर के सुनियोजित विकास के लिए अगले छह माह के भीतर एक विशेषज्ञ आर्किटेक्ट की नियुक्ति कर दी जाएगी। सरकार का विजन है कि मंदिर आने वाले भक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। मुख्यमंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया कि मंदिर न्यास में स्थानीय विधायक की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि क्षेत्रीय सुझावों को विकास कार्यों में शामिल किया जा सके।

श्रद्धालुओं के लिए खास इंतजाम और बजट

बुजुर्गों और दिव्यांगों की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में लिफ्ट लगाने की योजना को मास्टर प्लान का हिस्सा बनाया जाएगा। श्री नयना देवी और ज्वालाजी मंदिरों के सौंदर्यीकरण के लिए सरकार ने विशेष रूप से ₹25 करोड़ की धनराशि का प्रावधान किया है। पहाड़ी क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

सदन में चर्चा के दौरान लिफ्ट निर्माण को लेकर कुछ गंभीर तथ्य भी सामने आए। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने जानकारी दी कि पूर्व में शुरू किए गए निर्माण कार्य को तकनीकी और सुरक्षा कारणों से रोका गया था। भू-वैज्ञानिकों की सर्वे रिपोर्ट में इस क्षेत्र को 'अत्यधिक संवेदनशील' श्रेणी में रखा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारी मशीनरी का उपयोग पहाड़ की स्थिरता के लिए खतरा पैदा कर सकता है। साथ ही, प्रस्तावित स्थल पर अधिक भीड़ जुटने से सुरक्षा जोखिम बढ़ने की आशंका भी जताई गई है।

सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस

इस मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार की घेराबंदी भी की। विधायक रणधीर शर्मा ने सरकार के उत्तर पर असंतोष जताते हुए आरोप लगाया कि विकास कार्यों को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि पहले मुख्यमंत्री ने कार्य जारी रखने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब सुरक्षा का हवाला देकर इसे रोका जा रहा है।

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