Himachal: HPTDC के 8 होटलों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी! जयराम ठाकुर ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

Edited By Vijay, Updated: 06 Mar, 2026 08:48 PM

opposition leader jairam thakur

हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के 8 प्रमुख होटलों को आऊटसोर्सिंग के माध्यम से निजी ऑप्रेटरों को सौंपने के आधिकारिक पत्र के सार्वजनिक होने के बाद प्रदेश की सियासत में उबाल आ गया है।

शिमला (ब्यूरो): हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के 8 प्रमुख होटलों को आऊटसोर्सिंग के माध्यम से निजी ऑप्रेटरों को सौंपने के आधिकारिक पत्र के सार्वजनिक होने के बाद प्रदेश की सियासत में उबाल आ गया है। इसको लेकर पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए इसे हिमाचल ऑन सेल की नीति करार दिया है।

जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार राज्य के बहुमूल्य संसाधनों की खुली लूट कर रही है और जन संपदा को अपने खास मित्रों की झोली भरने के लिए निजी हाथों में परोस रही है। उन्होंने शुक्रवार को यहां जारी बयान में कहा कि हिमाचल प्रदेश की भूमि, पहचान और संसाधनों की रक्षा के लिए बनाए गए हिमाचल प्रदेश भू-सुधार एवं किराएदारी अधिनियम 1972 की धारा 118 में छूट दिलाने के नाम पर सरकार पहले से हिमाचल ऑन सेल की मुहिम चला रही है। उसमें अब प्रदेश के होटल भी शामिल कर लिए गए हैं।

जयराम ठाकुर ने कहा कि विपक्ष पहले ही इस बात की आशंका जता चुका था कि प्रदेश सरकार राज्य के सुचारू रूप से चल रहे और लाभप्रद होटलों को जानबूझकर बर्बाद कर उन्हें प्राइवेट सैक्टर को सौंपने की साजिश रच रही है, लेकिन उस समय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सार्वजनिक रूप से दावा किया था कि वह ऐसा कभी नहीं होने देंगे। नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री की कथनी और करनी पर सवाल उठाते हुए कहा कि पर्यटन विभाग के पत्र संख्या ओपी/ओ एंड एम/टीडीसी/26 से यह स्पष्ट हो गया है कि प्रदेश की संपदा को बेचा जा रहा है।

जयराम ठाकुर ने दावा किया है कि विभाग द्वारा जारी सूची में बिलासपुर का होटल लेक-व्यू, चिंडी का होटल ममलेश्वर, फागू का होटल एप्पल ब्लॉसम, रोहड़ू का होटल चांशल, कुल्लू का होटल सर्वरी, कसौली का होटल ओल्ड रॉसकॉमन, परवाणू का होटल शिवालिक और खड़ापत्थर का होटल गिरिगंगा शामिल हैं, जिन्हें ऑप्रेशन और मैंटीनैंस के आधार पर निजी कंपनियों को आऊटसोर्स करने की मंजूरी दी गई है। उन्होंने प्रदेश सरकार को चेतावनी दी है कि वह हिमाचल की अस्मिता और संसाधनों के साथ इस तरह का खिलवाड़ नहीं होने देंगे और सदन से लेकर सड़क तक इसका विरोध किया जाएगा।

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