Edited By Jyoti M, Updated: 26 Mar, 2026 04:41 PM

सुंदरनगर में आयोजित राज्य स्तरीय नलवाड़ किसान मेले में इस बार पशु प्रदर्शनी लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी। प्रशासन और पशुपालन विभाग के बेहतर इंतजामों की वजह से मंडी और बिलासपुर जिलों के पशुपालक बड़ी संख्या में अपने बेहतरीन पशुओं को लेकर...
हिमाचल डेस्क। सुंदरनगर में आयोजित राज्य स्तरीय नलवाड़ किसान मेले में इस बार पशु प्रदर्शनी लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी। प्रशासन और पशुपालन विभाग के बेहतर इंतजामों की वजह से मंडी और बिलासपुर जिलों के पशुपालक बड़ी संख्या में अपने बेहतरीन पशुओं को लेकर यहाँ पहुंचे। प्रदर्शनी में विभिन्न नस्लों की गायों, बैलों और बकरियों को देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ी।
दो खास पशुओं ने बटोरी सुर्खियां
प्रदर्शनी में दो पशुओं की सबसे ज्यादा चर्चा रही।
52 लीटर दूध देने वाली गाय: गोहर के युवा पशुपालक दीपक कुमार की नीदरलैंड नस्ल की गाय ने सबको हैरान कर दिया। दीपक, जो कि एम.सी.ए. (MCA) शिक्षित हैं, उन्होंने सरकारी नौकरी के पीछे भागने के बजाय आधुनिक डेयरी फार्मिंग को चुना। आज उनके पास ऐसी तीन गाएं हैं और वे महीने के लगभग 80 हजार रुपए कमा रहे हैं।
डेढ़ क्विंटल का बकरा 'गब्बर सिंह': बिलासपुर के छोटू राम का तीन साल का बकरा 'गब्बर सिंह' (जिसे वे प्यार से रामू कहते हैं) अपने भारी वजन के कारण मेले की शान बना रहा। करीब 150 किलो वजन वाले इस बकरे ने क्रॉस ब्रीडिंग के जरिए अपने मालिक को अब तक डेढ़ लाख रुपए की कमाई करवा दी है।
युवाओं के लिए प्रेरणा बनी प्रदर्शनी
पशुपालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. घनश्याम भूपल ने बताया कि इस बार प्रशासन के सहयोग से व्यवस्थाएं काफी बेहतर रहीं। प्रदर्शनी में न केवल गाय और बकरे, बल्कि घोड़ों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने युवाओं से अपील की है कि वे पशुपालन को एक बेहतर आजीविका के रूप में अपनाएं।
मेले में आए लोगों ने न केवल पशुओं को देखा, बल्कि आधुनिक पशुपालन की तकनीकों के बारे में भी जानकारी हासिल की। विभाग द्वारा की गई सफाई, सुरक्षा और चिकित्सा सुविधाओं की पशुपालकों ने जमकर सराहना की। यह आयोजन क्षेत्र के युवाओं को कृषि और पशुपालन की ओर प्रेरित करने में पूरी तरह सफल रहा।