Edited By Vijay, Updated: 17 Jan, 2026 09:01 PM

सिरमौर जिले के नाहन में एचआरटीसी और निजी बस ऑप्रेटर्ज के बीच रूट टाइमिंग को लेकर हुए विवाद ने अब प्रदेशव्यापी रूप ले लिया है। इस मामले को लेकर एचआरटीसी चालक यूनियन ने सरकार और निगम प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
शिमला (राजेश): सिरमौर जिले के नाहन में एचआरटीसी और निजी बस ऑप्रेटर्ज के बीच रूट टाइमिंग को लेकर हुए विवाद ने अब प्रदेशव्यापी रूप ले लिया है। इस मामले को लेकर एचआरटीसी चालक यूनियन ने सरकार और निगम प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यूनियन का आरोप है कि प्रदेशभर में कार्यरत आरटीओ जानबूझकर एचआरटीसी को कमजोर करने और उसे खत्म करने की दिशा में काम कर रहे हैं। एचआरटीसी चालक यूनियन का कहना है कि निगम में हो रहे घाटे के लिए चालकों और परिचालकों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, जबकि असली वजह आरटीओ की नीतियां हैं। यूनियन ने सरकार से मांग की है कि चालकों को दोषी ठहराना बंद किया जाए।
शनिवार को शिमला में प्रैस वार्ता में यूनियन के अध्यक्ष मान सिंह ठाकुर ने कहा कि नाहन में बीते दिन एक निजी बस को एचआरटीसी बस से ठीक 5 मिनट पहले रूट पर चलने की अनुमति दी गई, जबकि यह रूट पिछले करीब 40 वर्षों से एचआरटीसी द्वारा संचालित किया जा रहा है। निजी बस को पहले का समय देकर एचआरटीसी बस को जानबूझकर फेल करने की कोशिश की गई, जिससे दोनों चालकों के बीच विवाद हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे हिमाचल में आरटीओ निजी बसों को एचआरटीसी बसों से पहले चलने की टाइमिंग दे रहे हैं। इसके चलते एचआरटीसी की बसें रूट पर खाली जा रही हैं और घाटा बढ़ रहा है, लेकिन इसका दोष चालकों और परिचालकों पर मढ़ा जा रहा है, जबकि इसके असली जिम्मेदार आरटीओ हैं।
एफआईआर रद्द नहीं हुई तो शुरू होगा आंदोलन
मान सिंह ठाकुर ने चेतावनी दी है कि यदि नाहन में एचआरटीसी चालक पर दर्ज एफआईआर को जल्द रद्द नहीं किया गया तो चालक यूनियन सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू करेगी और प्रदेशभर में एचआरटीसी बसों को खड़ा कर दिया जाएगा।
निगम की होटल चयन प्रक्रिया पर यूनियन ने लगाए आरोप
वहीं यूनियन ने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली, चंडीगढ़ व अमृतसर जैसे लंबे रूटों पर चलने वाली एचआरटीसी बसों को सोलन से पहले ही प्रबंधन द्वारा चिन्हित कुछ खास होटलों पर एक-एक घंटे तक रोकने के आदेश दिए गए हैं। इससे सोलन और आसपास के क्षेत्रों की सवारियां एचआरटीसी बसों में नहीं चढ़ पातीं और निगम को आर्थिक नुक्सान उठाना पड़ रहा है। होटल चयन प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। इसके अलावा बर्फबारी वाले क्षेत्रों में तैनात चालकों और परिचालकों को मिलने वाली स्नो किट के आबंटन में भ्रष्टाचार और बंदरबांट के आरोप लगाते हुए यूनियन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। एचआरटीसी चालक यूनियन ने कहा कि यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो इससे न केवल निगम को भारी नुक्सान होगा, बल्कि प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था भी प्रभावित होगी।