Himachal: मांगों को लेकर चौड़ा मैदान में गरजे पैंशनर्ज, सरकार पर लगाए गंभीर आराेप....जमकर की नारेबाजी

Edited By Vijay, Updated: 17 Feb, 2026 07:30 PM

pensioners protest at chaura maidan

विधानसभा के सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को पैंशनर्ज संयुक्त संघर्ष समिति ने मांगों को लेकर चौड़ा मैदान में एकत्रित होकर प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रदेश सरकार पर वायदा खिलाफी और वित्तीय संकट का हवाला दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

शिमला (संतोष): विधानसभा के सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को पैंशनर्ज संयुक्त संघर्ष समिति ने मांगों को लेकर चौड़ा मैदान में एकत्रित होकर प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रदेश सरकार पर वायदा खिलाफी और वित्तीय संकट का हवाला दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। जानकारी के अनुसार राज्य सरकार के बजट सत्र के दूसरे दिन शिमला में पैंशनर्ज सड़क पर उतर आए। पैंशनर्ज संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले पैंशनर्ज ने अपनी लंबित मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। पैंशनर्ज ने प्रदेश सरकार पर वायदा खिलाफी और कर्मचारी-पैंशनर विरोधी नीतियां अपनाने के गंभीर आरोप लगाए। समिति का कहना है कि 28 नवम्बर, 2025 को धर्मशाला के जोरावर स्टेडियम में भी हजारों पैंशनर्ज ने सरकार के खिलाफ रैली निकाली थी। उस दौरान मुख्यमंत्री ने विधानसभा में शिष्टमंडल को बातचीत का आश्वासन दिया था, आज तक कोई बैठक नहीं बुलाई गई। संयुक्त संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार वित्तीय संकट का हवाला देकर पैंशनर्ज के महंगाई भत्ते, एरियर और अन्य वित्तीय लाभों को रोक रही है, जबकि जनप्रतिनिधियों के वेतन-भत्तों और आयोगों के पदाधिकारियों की पैंशन में बढ़ौतरी की जा रही है।

ये हैं पैंशनर्ज की प्रमुख मांगें
समिति की मुख्य मांगों में 1 जनवरी, 2016 से 31 जनवरी, 2022 तक सेवानिवृत्त कर्मचारियों की ग्रैच्युटी, लीव इन कैशमैंट, कम्यूटेशन और संशोधित पैंशन का भुगतान, 13 प्रतिशत महंगाई भत्ता व लंबित एरियर की अदायगी, विभिन्न बोर्ड-निगमों व परिवहन, विद्युत बोर्ड, विश्वविद्यालय व अन्य विभागों के पैंशनरों को समय पर भुगतान शामिल है।

...ताे बजट पेश होने वाले दिन हजारों पैंशनर्ज करेंगे उग्र प्रदर्शन 
समिति के अध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने चेतावनी दी है कि यदि शिष्टमंडल को जल्द वार्ता के लिए नहीं बुलाया गया, तो जिस दिन बजट पेश होगा, उस दिन हजारों पैंशनर विधानसभा के बाहर उग्र प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि पैंशनर्ज अपने हक के लिए आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे और अगला प्रदर्शन पहले से भी बड़ा होगा। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो सरकार वित्तीय हालात का रोना रो रही है, दूसरी तरफ सरकारी विभागों में करोड़ों रुपए की गाड़ियां खरीदी जा रही हैं। पैंशनर सरकार की ऐसी दोहरी नीति को बर्दाश्त नहीं करेंगे।

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