Edited By Jyoti M, Updated: 26 Feb, 2025 10:48 AM

हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है, और हाल ही में हुई बर्फबारी और वर्षा ने प्रदेशवासियों को ठंड के थपेड़ों का सामना कराया है। मंगलवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बर्फबारी का दौर देखा गया, जिसमें रोहतांग, शिंकुला और बारालाचा दर्रे में...
हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है, और हाल ही में हुई बर्फबारी और वर्षा ने प्रदेशवासियों को ठंड के थपेड़ों का सामना कराया है। मंगलवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बर्फबारी का दौर देखा गया, जिसमें रोहतांग, शिंकुला और बारालाचा दर्रे में लगभग आधा फीट बर्फबारी हुई।
इसके साथ ही राजधानी शिमला, कांगड़ा और अन्य स्थानों पर हल्की वर्षा भी दर्ज की गई। इस मौसम की वजह से प्रदेश में शीतलहर फिर से बढ़ गई है, और तापमान में 11 डिग्री तक की गिरावट आई है। मौसम विभाग ने बताया कि खबर लिखे जाने तक प्रदेश के कुछ स्थानों पर चार से पांच मिलीमीटर वर्षा हो चुकी थी।
हिमाचल प्रदेश के मौसम में अचानक बदलाव के कारण किसानों और बागबानों की उम्मीदें फिर से जागी हैं। वे आशा कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में अधिक हिमपात और वर्षा होने से सूखे की स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में आ सकती है और बगीचों में नमी आने से सेब और अन्य फसलों को लाभ मिलेगा। वर्षा और हिमपात से भूमि में नमी का स्तर बढ़ सकता है, जो फसल उत्पादन के लिए अनुकूल साबित हो सकता है।
मौसम विभाग ने 26 फरवरी से लेकर 1 मार्च तक भारी हिमपात और वर्षा की चेतावनी दी है। विभाग ने यह भी बताया कि इस दौरान प्रदेश के ऊंचे क्षेत्रों में हिमस्खलन का खतरा बढ़ सकता है, जिससे यातायात और अन्य सेवाओं पर असर पड़ सकता है। 1 मार्च तक प्रदेश में तूफान और बिजली चमकने के साथ भारी बर्फबारी और वर्षा होने की संभावना है। शिमला शहर सहित अन्य जगहों पर भी हिमपात की संभावना जताई गई है, और यातायात पर कुछ समय के लिए असर पड़ने की संभावना है।
शिमला शहर में भी मौसम ने अचानक बदलाव किया। मंगलवार को शिमला की चोटियों पर हल्का हिमपात हुआ, जबकि शहर और जिले के अन्य हिस्सों में वर्षा हुई। इसके परिणामस्वरूप ठंड में वृद्धि हो गई है, और तापमान में हल्की गिरावट आई है। हालांकि, शिमला शहर और ऊपरी क्षेत्रों में दिनभर यातायात सुचारू रूप से चलता रहा, और इससे सामान्य जनजीवन में ज्यादा परेशानी नहीं आई।