Edited By Jyoti M, Updated: 11 Feb, 2026 10:37 AM

हिमाचल प्रदेश इन दिनों कुदरत के दो अलग-अलग मिजाज देख रहा है। जहाँ एक तरफ ऊँचाई वाले दर्रों ने सफेद चादर ओढ़ना शुरू कर दिया है, वहीं निचले इलाकों में धुंध की वजह से सूरज और जमीन के बीच लुका-छिपी का खेल जारी है।
हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश इन दिनों कुदरत के दो अलग-अलग मिजाज देख रहा है। जहाँ एक तरफ ऊँचाई वाले दर्रों ने सफेद चादर ओढ़ना शुरू कर दिया है, वहीं निचले इलाकों में धुंध की वजह से सूरज और जमीन के बीच लुका-छिपी का खेल जारी है। पहाड़ों की चोटियों पर गिरते फाहे और मैदानों में छाई गहरी धुंध ने जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है।
शीत लहर का कहर:
प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर जारी है। जनजातीय क्षेत्र ताबो वर्तमान में बर्फानी भट्टी बना हुआ है, जहाँ पारा गिरकर -8.5 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुँचा है। इसके विपरीत, ऊना में दिन के समय धूप खिलने से अधिकतम तापमान 24.0 डिग्री सेल्सियस तक रिकॉर्ड किया गया, जो राज्य में सबसे ज्यादा रहा।
राज्य के छह प्रमुख शहरों में रात का तापमान 5 डिग्री से नीचे बना हुआ है, जबकि पालमपुर और पांवटा साहिब में रातें मध्यम सर्द हैं, जहाँ न्यूनतम तापमान 10.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
कोहरे की चादर और बादलों का डेरा
बिलासपुर और मंडी जैसे मैदानी व मध्यम ऊंचाई वाले जिले घने कोहरे की चपेट में हैं, जिससे विजिबिलिटी काफी कम हो गई है। पर्यटन नगरी शिमला, कुल्लू और मनाली में बादलों की आवाजाही लगी हुई है, जिससे ठंड का अहसास बढ़ गया है। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शिंकुला दर्रा और सैलानियों के पसंदीदा रोहतांग पास पर हल्की बर्फबारी दर्ज की गई है।
आगामी दिनों का पूर्वानुमान:
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले दिनों में दो कमजोर 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस' (पश्चिमी विक्षोभ) हिमालयी क्षेत्रों को प्रभावित करने वाले हैं। पहला स्पेल 13 फरवरी से सक्रिय होगा और दूसरा स्पेल 16 फरवरी से प्रभाव दिखाएगा। 11 फरवरी को लाहौल-स्पीति, चंबा और किन्नौर में कुछ स्थानों पर, जबकि कुल्लू और शिमला के ऊपरी इलाकों में हल्की वर्षा या हिमपात की संभावना है। इसके बाद 13 और 16 फरवरी को भी ऊंचे शिखरों पर मौसम बिगड़ सकता है। हालांकि, राज्य के शेष हिस्सों में सप्ताह भर मौसम मुख्य रूप से साफ और शुष्क बना रहेगा।