Edited By Jyoti M, Updated: 21 Jan, 2026 10:38 AM

हिमाचल प्रदेश की ऊंची चोटियों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ना शुरू कर दिया है, जो आने वाले दिनों में मैदानी इलाकों तक ठिठुरन बढ़ाने का स्पष्ट संकेत है। बारालाचा और रोहतांग जैसे ऊंचे दर्रों पर ताज़ा बर्फबारी के साथ ही राज्य के निचले हिस्सों में बर्फीली हवाओं...
हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश की ऊंची चोटियों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ना शुरू कर दिया है, जो आने वाले दिनों में मैदानी इलाकों तक ठिठुरन बढ़ाने का स्पष्ट संकेत है। बारालाचा और रोहतांग जैसे ऊंचे दर्रों पर ताज़ा बर्फबारी के साथ ही राज्य के निचले हिस्सों में बर्फीली हवाओं का पहरा शुरू हो गया है।
मौसम का मौजूदा हाल
मंगलवार को प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में फाहे गिरने से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। शिमला में बादलों की आवाजाही के बीच रिकांगपिओ और बजौरा जैसे इलाकों में धूल भरी तेज हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया। वहीं, मंडी और हमीरपुर जैसे जिलों में चल रही शीतलहर ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया है।
आगामी चेतावनी: 22 जनवरी से बदलेगा दृश्य
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बुधवार को आसमान साफ रहने की उम्मीद है, लेकिन यह केवल 'तूफान से पहले की शांति' जैसी स्थिति है। 22 जनवरी की रात से एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहा है।
भारी बर्फबारी (Orange Alert): 23 जनवरी को चंबा, कुल्लू और लाहुल-स्पीति के ऊपरी इलाकों में भारी बर्फबारी की आशंका है। पर्यटकों के पसंदीदा स्थल जैसे मनाली, कुफरी, और नारकंडा भी बर्फ से सराबोर हो सकते हैं।
तूफानी हवाएं: 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली आंधी के लिए विभाग ने अलर्ट जारी किया है।
तापमान में गिरावट: इस मौसमी बदलाव से दिन के पारे में 6 से 8 डिग्री तक की भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है।
निचले इलाकों में बारिश: ऊना और कांगड़ा जैसे क्षेत्रों में भारी बारिश का 'यलो अलर्ट' जारी किया गया है।
प्रशासन की सलाह और भविष्य का पूर्वानुमान
खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने एक आधिकारिक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें स्थानीय लोगों और पर्यटकों को ऊंचे क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी गई है। राहत की उम्मीद अभी कम है, क्योंकि 24 जनवरी तक मौसम खराब रहने के बाद, 26 और 27 जनवरी को एक बार फिर भारी बारिश और हिमपात का दौर शुरू होने की संभावना जताई गई है।