हिमाचल में फिर करवट लेगा मौसम, इस दिन तक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना

Edited By Jyoti M, Updated: 03 Mar, 2026 10:38 AM

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हिमाचल प्रदेश इन दिनों एक अजीबोगरीब विरोधाभास से गुजर रहा है। एक तरफ जहां पहाड़ चिलचिलाती धूप और सूखे की मार झेल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ साहसी पर्यटकों के लिए बर्फ के रास्तों को खोलने की तैयारी पूरी हो चुकी है।

हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश इन दिनों एक अजीबोगरीब विरोधाभास से गुजर रहा है। एक तरफ जहां पहाड़ चिलचिलाती धूप और सूखे की मार झेल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ साहसी पर्यटकों के लिए बर्फ के रास्तों को खोलने की तैयारी पूरी हो चुकी है। बादलों की बेरुखी ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं, तो प्रशासन बर्फबारी के बीच सुरक्षित सफर के लिए नई गाइडलाइंस जारी कर रहा है।

खेती और बागवानी पर संकट के बादल

इस साल फरवरी के महीने ने प्रदेश को काफी मायूस किया है। सामान्य के मुकाबले बारिश में 85 से 90 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे रबी की फसलों और सेब के बागानों पर सीधा खतरा मंडरा रहा है।

हिमाचल के मैदानी इलाकों में गर्मी ने समय से पहले दस्तक दे दी है। ऊना जैसे शहरों में तापमान 31 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है। पूरे प्रदेश में दिन और रात का तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री अधिक चल रहा है। सोमवार की तेज धूप ने पारे में और इजाफा कर दिया है।

मौसम विभाग के अनुसार, 7 से 9 मार्च के बीच एक हल्का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। हालांकि इसकी रफ्तार धीमी है, लेकिन ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी या बारिश की उम्मीद जताई जा रही है।

शिंकुला दर्रे के लिए नई गाइडलाइंस

पर्यटन के मोर्चे पर एक उत्साहजनक खबर है। अब सैलानी अपने वाहनों से शिंकुला की बर्फीली वादियों का दीदार कर सकेंगे, लेकिन सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होगा। लाहुल-स्पीति प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल उन्हीं वाहनों को अनुमति मिलेगी जिनके टायरों में 'स्नो चेन' लगी होगी।

पर्यटकों की आवाजाही के लिए सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक का समय तय किया गया है। एसपी शिवानी मेहला ने यात्रियों को हिदायत दी है कि वे घर से निकलने से पहले मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें।

उभरता पर्यटन केंद्र

स्थानीय विधायक अनुराधा राणा के अनुसार, शिंकुला तेजी से एक बड़े टूरिस्ट हब के रूप में विकसित हो रहा है। इससे स्थानीय कारोबारियों में नई ऊर्जा देखी जा रही है। सरकार अब इन दुर्गम स्थलों पर मूलभूत सुविधाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है ताकि सैलानियों का अनुभव और भी यादगार बन सके।

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