Edited By Kuldeep, Updated: 25 Jan, 2026 11:14 PM

बड़ा देव कमरुनाग से जुड़ा गूर का विवाद अब थम गया है। सात गढ़ के लोगों ने देवता के परता स्थल धगयारा गलू में जुटकर सर्वसम्मति से पुजारी बोधराज को बड़ा देव कमरुनाग का गूर स्वीकार करने का निर्णय लिया है।
गोहर (ख्यालीराम): बड़ा देव कमरुनाग से जुड़ा गूर का विवाद अब थम गया है। सात गढ़ के लोगों ने देवता के परता स्थल धगयारा गलू में जुटकर सर्वसम्मति से पुजारी बोधराज को बड़ा देव कमरुनाग का गूर स्वीकार करने का निर्णय लिया है। गूर की गद्दी को लेकर चले घमासान के बीच रविवार को देवता के स्थल पर सात गढ़ के सैंकड़ों किसान और बागवान एकत्रित हो गए। हालांकि इस दौरान देवता के पूर्व गुर देवी सिंह ठाकुर के समर्थक भी बड़ी संख्या में पहुंच गए थे। गुर की गद्दी पर ताजपोशी को लेकर हालांकि दोनों धड़ों के बीच कई बार बहसबाजी हुई, लेकिन सात गढ़ से आए लोगों ने बोधराज के पक्ष में निर्णय लिया। निर्णय के अनुसार पुजारी बोधराज आगामी मंडी अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि मेले में देवता के साथ पुजारी के रूप में ही मंडी जाएंगे। मेले के समापन के बाद नव संवत के अवसर पर धार्मिक विधि-विधान के साथ उन्हें गूर पद की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
पूर्व गूर द्वारा दिया परता नहीं किया मान्य
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पूर्व गूर देवी सिंह द्वारा दिया गया परता सात गढ़ के लोगों को मान्य नहीं हुआ। उसके बाद लगातार बैठकों और धार्मिक विमर्श के बीच धगयारा गलू में आयोजित महाजुटान में पुजारी बोधराज के नाम पर सर्वसम्मति बन पाई। देवता के कटवाल चिन्तराम ठाकुर ने कहा कि सात गढ़ के लोगों की सहमति से पुजारी बोधराज को गूर बनाए जाने का फैसला हुआ है और आगे की धार्मिक प्रक्रिया देव रीति-रिवाजों के अनुसार पूरी की जाएगी।