Edited By Swati Sharma, Updated: 30 Jan, 2026 12:30 PM

Mandi News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के उपमंडल बालीचौकी की सुधराणी पंचायत में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। विकास कार्यों में गंभीर अनियमितताओं के आरोपों के चलते पंचायत के प्रधान, उपप्रधान सहित तीन वार्ड सदस्यों को निलंबित कर दिया गया है। खास...
Mandi News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के उपमंडल बालीचौकी की सुधराणी पंचायत में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। विकास कार्यों में गंभीर अनियमितताओं के आरोपों के चलते पंचायत के प्रधान, उपप्रधान सहित तीन वार्ड सदस्यों को निलंबित कर दिया गया है। खास बात यह है कि यह कार्रवाई पंचायत प्रतिनिधियों के कार्यकाल समाप्त होने से महज कुछ दिन पहले की गई है।
प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई विकास कार्यों की जांच के लिए गठित समिति की रिपोर्ट के आधार पर की गई है। आरोप है कि संबंधित पंचायत प्रतिनिधियों ने मनरेगा सहित अन्य विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में नियमों का उल्लंघन किया और ठेकेदारों को निर्धारित राशि से अधिक भुगतान किया। बताया जा रहा है कि सुधराणी पंचायत में अनियमितताओं को लेकर स्थानीय निवासी चुनी लाल ने शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसके बाद विकास खंड स्तर पर एक जांच समिति का गठन किया गया। जांच पूरी होने पर समिति ने अपनी रिपोर्ट पंचायत अधिकारी को सौंपी, जिसमें वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि की गई।
"चुनावी माहौल में जानबूझकर यह कदम उठाया गया"
जारी आदेशों में कहा गया है कि जांच के दौरान सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन उनके जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए। इसके बाद पंचायत प्रधान, उपप्रधान और तीन वार्ड सदस्यों को निलंबित करने का फैसला लिया गया। वहीं, निलंबित पंचायत प्रतिनिधियों ने इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया है। उनका कहना है कि पंचायतों का कार्यकाल 31 जनवरी को समाप्त हो रहा है और चुनावी माहौल में जानबूझकर यह कदम उठाया गया है।