Edited By Jyoti M, Updated: 20 Jan, 2026 04:37 PM

हिमाचल की वादियों में अभी जो खिली हुई धूप और शांति नजर आ रही है, वह वास्तव में एक बड़े मौसमी बदलाव से पहले की खामोशी है। जहां पिछले कुछ दिनों से पहाड़ गुनगुनी धूप का आनंद ले रहे हैं, वहीं अब मौसम विभाग ने एक बार फिर कुदरत के कड़े तेवर दिखाने की चेतावनी...
हिमाचल डेस्क। हिमाचल की वादियों में अभी जो खिली हुई धूप और शांति नजर आ रही है, वह वास्तव में एक बड़े मौसमी बदलाव से पहले की खामोशी है। जहां पिछले कुछ दिनों से पहाड़ गुनगुनी धूप का आनंद ले रहे हैं, वहीं अब मौसम विभाग ने एक बार फिर कुदरत के कड़े तेवर दिखाने की चेतावनी जारी कर दी है।
बीते कल की बात करें तो शिमला से लेकर मनाली तक आसमान बिल्कुल साफ रहा और पर्यटकों ने सुहावने मौसम का लुत्फ उठाया। हालांकि, मैदानी इलाकों की कहानी थोड़ी अलग रही:
मैदानी जिलों का हाल: ऊना, हमीरपुर और कांगड़ा जैसे क्षेत्रों में सूरज निकलने के बावजूद शीतलहर ने लोगों को ठिठुराए रखा।
हवाओं का जोर: कुल्लू के सेऊबाग में हवाओं ने अपनी रफ्तार दिखाई, जहां करीब 43 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से झोंके चले।
राहत की बात: प्रदेश के किसी भी हिस्से में फिलहाल धुंध या बर्फबारी की वजह से यातायात या आम जीवन बाधित नहीं हुआ है।
आने वाले दिनों का 'वेदर चार्ट': कब क्या होगा?
शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत में एक के बाद एक सक्रिय होने वाले 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस' (पश्चिमी विक्षोभ) हिमाचल का रुख करने वाले हैं।
आगामी पूर्वानुमान:
20-21 जनवरी: इन दो दिनों में राज्य के ज्यादातर हिस्सों में मौसम स्थिर और शुष्क रहने की उम्मीद है। हालांकि, निचले इलाकों में कड़ाके की ठंड (Cold Wave) का असर बरकरार रहेगा।
22 जनवरी से बदलाव: बुधवार रात से मौसम करवट लेना शुरू करेगा। ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की फुहारें और हिमपात की शुरुआत हो सकती है।
23-24 जनवरी (पीक समय): शुक्रवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश और बर्फबारी की प्रबल संभावना है।
भारी बर्फबारी का अलर्ट: शनिवार (24 जनवरी) को प्रदेश की ऊंची चोटियों पर भारी हिमपात होने की आशंका जताई गई है, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है।
इन जिलों के लिए चेतावनी
प्रशासन ने ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और मंडी के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि यहां शीतलहर का प्रकोप बढ़ने के आसार हैं। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भी मौसम की स्थिति देखकर ही यात्रा करने का सुझाव दिया गया है।