हिमाचल को मिला पहला ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक एवं ट्रैफिक पार्क, उपमुख्यमंत्री ने 9 करोड़ की परियोजना का किया लोकार्पण

Edited By Swati Sharma, Updated: 22 Apr, 2026 04:12 PM

himachal gets its first automated driving test track and traffic park

Una News : उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बुधवार को हरोली के रोड़ा में लगभग 9 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित प्रदेश के पहले ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक एवं ट्रैफिक पार्क का विधिवत उद्घाटन किया। इस परियोजना के शुरू होने के साथ ही हिमाचल प्रदेश...

Una News : उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बुधवार को हरोली के रोड़ा में लगभग 9 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित प्रदेश के पहले ऑटोमेटिड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक एवं ट्रैफिक पार्क का विधिवत उद्घाटन किया। इस परियोजना के शुरू होने के साथ ही हिमाचल प्रदेश को पूर्णतः तकनीक आधारित, पारदर्शी और निष्पक्ष ड्राइविंग टेस्ट प्रणाली मिल गई है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह ऑटोमेटिड ट्रैक ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया को अधिक विश्वसनीय बनाएगा तथा मानव हस्तक्षेप को न्यूनतम करते हुए योग्य अभ्यर्थियों का सटीक मूल्यांकन सुनिश्चित करेगा। सेंसर आधारित पूरे ट्रैक में अत्याधुनिक कैमरे भी लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से हर गतिविधि की निगरानी रहेगी। उन्होंने कहा कि यह परिसर उत्तर भारत का अपनी तरह का इकलौता ऑटोमेटिड टेस्टिंग ट्रैक और ट्रैफिक पार्क है। यहां भविष्य में और सुविधाएं जोड़ी जाएंगी। लोगों की सुविधा के लिए यहां वेटिंग एरिया और भवन का निर्माण किया जाएगा, ताकि खराब मौसम में भी किसी प्रकार की असुविधा न हो। अगले चरण में यहां बसों और ट्रकों के लिए भी टेस्टिंग सुविधा विकसित की जाएगी। उन्होंने बताया कि डिजिटल प्रणाली के तहत अभ्यर्थी स्वयं अपनी सुविधा अनुसार टेस्ट की तिथि और समय निर्धारित कर सकेंगे। हालांकि, वर्तमान में पुरानी व्यवस्था भी समानांतर रूप से जारी रहेगी। लेकिन हमारा प्रयास है कि लोग नई प्रणाली को प्राथमिकता दें।

उपमुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस आधुनिक ट्रैक में छोटे वाहनों के लिए ‘एस’, ‘8’ और ‘एच’ ट्रैक, पैरेलल पार्किंग, जंक्शन ड्राइविंग तथा ढलान पर वाहन संचालन जैसे विभिन्न परीक्षण शामिल किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह परिसर डिजिटाइज्ड तरीके से ड्राइविंग लाइसेंस प्रदान करने की व्यवस्था के अलावा स्कूली बच्चों के लिए एक शैक्षणिक केंद्र के रूप में भी विकसित होगा। यहां उन्हें ट्रैफिक नियमों और सड़क सुरक्षा के प्रति व्यवहारिक जानकारी भी मिलेगी।

हरोली मैदान, रोड़ा के विकास को 10 करोड़

मुकेश अग्निहोत्री ने रोड़ा स्थित हरोली मैदान को स्थायी मेला स्थल के रूप में विकसित करने के लिए 10 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि हाल ही में आयोजित राज्यस्तरीय हरोली उत्सव को लोगों का व्यापक समर्थन मिला है और इसे भविष्य में और भव्य रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आगामी वर्षों में मेले की अवधि भी बढ़ाई जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने हरोली-रामपुर पुल से लेकर इस मार्ग के अंतिम छोर तक पूरे रास्ते को ‘विकास पथ’ नाम देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस पूरे मार्ग को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। यहां बेहतर लाइटिंग व्यवस्था की जाएगी और सड़क किनारे आकर्षक लाइट्स लगाई जाएंगी, जिससे रात के समय पूरा क्षेत्र जगमगाता नजर आएगा। उन्होंने कहा कि हरोली-रामपुर पुल और यह पूरा मार्ग पहले ही लोगों के लिए घूमने-फिरने का एक प्रमुख आकर्षण केंद्र बन चुका है। अब यह केवल आवाजाही का रास्ता नहीं है, लोगों के रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा बन गया है, जहां शाम होते ही लोग सैर और समय बिताने के लिए पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि इस मार्ग पर राष्ट्रीय ध्वज, सेल्फी प्वाइंट और प्याऊ जैसी सुविधाएं पहले से मौजूद हैं, जिन्हें अब और बेहतर और विस्तृत किया जाएगा, ताकि यह मार्ग विकास और आकर्षण का एक नया उदाहरण बन सके।

रोड़ा में तेजी से चली हैं विकास परियोजनाएं

अग्निहोत्री ने कहा कि हरोली का रोड़ा क्षेत्र तेजी से एक विकसित नगर के रूप में उभर रहा है और वर्ष 2027 तक यहां कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं साकार रूप लेंगी।  यहां लगभग 19 करोड़ रुपये की लागत से हेलिपोर्ट का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इससे भविष्य में शिमला और चंडीगढ़ से सीधी हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ने की दिशा में काम किया जाएगा। इसके अलावा, रोड़ा में 10 करोड़ रुपये की लागत से सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण किया जा रहा है। इससे क्षेत्र की युवा प्रतिभाओं को बेहतर अवसर एवं सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि यहां सभी प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन सुनियोजित तरीके से किया जाए, ताकि विकास कार्यों को योजनापूर्वक आगे बढ़ाया जा सके।
 

जिले की प्रमुख विकास परियोजनाओं को गति 

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि माता चिंतपूर्णी मंदिर के भव्य विस्तार पर करीब सवा 200 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। इसमें गर्भगृह को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाओं से युक्त परिसर विकसित किया जाएगा। उन्होंने जिला प्रशासन को पहले चरण का कार्य शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुटलैहड़ क्षेत्र में गोविंद सागर झील से जुड़े पर्यटन और जल परिवहन को विकसित किया जाएगा, जबकि हरोली में निर्माणाधीन लगभग 2500 करोड़ रुपये की बल्क ड्रग पार्क परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने चेताया कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं होगा और फिरौती, अवैध गतिविधियों या गुंडागर्दी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
 

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