Weather Update: हिमाचल में अप्रैल बना दिसम्बर, 5 जिलों में बारिश व बर्फबारी का यैलो अलर्ट

Edited By Kuldeep, Updated: 08 Apr, 2026 11:12 PM

shimla weather cold

हिमाचल प्रदेश में अप्रैल के बीच मौसम ने ऐसी करवट ली है कि लोगों को भारी जैकेट और हीटर दोबारा निकालने पड़ गए हैं।

शिमला: हिमाचल प्रदेश में अप्रैल के बीच मौसम ने ऐसी करवट ली है कि लोगों को भारी जैकेट और हीटर दोबारा निकालने पड़ गए हैं। राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में झमाझम बारिश से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में बर्फबारी ने रफ्तार पर ब्रेक लगा दी है, जिससे जिले की 26 सड़कें पूरी तरह ठप्प हो गई हैं। राजधानी शिमला के पास स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कुफरी और नारकंडा बर्फ से लकदक हो गए हैं।

इसके अलावा अटल टनल, रोहतांग, खड़ापत्थर, चौपाल और चम्बा के भरमौर व पांगी में भी ताजा हिमपात हुआ है। पर्यटन स्थलों पर बर्फबारी से पर्यटक तो उत्साहित हैं, लेकिन स्थानीय लोगों और बागवानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लाहौल-स्पीति जिला प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार रोहतांग दर्रा से कोकसर मार्ग भारी बर्फ के कारण बंद है। दारचा से सरचू मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह ठप्प है। अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल से दारचा तक केवल सीमित समय के लिए ही वाहन भेजे जा रहे हैं। दारचा-शिंकुला मार्ग पर केवल स्नो चेन वाले 4 बाई 4 वाहनों को ही अनुमति दी जा रही है।

प्रदेश के निचले इलाकों में बारिश का दौर जारी है। सबसे अधिक बारिश रेणुकाजी में 65 और राजगढ़ में 60 मिलीमीटर दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को 5 जिलों में यैलो अलर्ट जारी किया गया है। 11 अप्रैल फिर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे 12 अप्रैल तक मौसम खराब रहने की संभावना है। हालांकि 13 और 14 अप्रैल से पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहने का अनुमान जताया गया है।

अप्रैल से जून के लिए मौसम विभाग ने जारी किया आऊटलुक
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने इस वर्ष की गर्मियों (अप्रैल से जून) के लिए अद्यतन आऊटलुक और अप्रैल महीने के लिए विशेष पूर्वानुमान जारी किया है। रिपोर्ट के अनुसार इस बार हिमाचल प्रदेश में औसत तापमान सामान्य से अधिक रहने के आसार हैं। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की 45-75 फीसदी संभावना है। ऊंची और मध्य पहाड़ियों पर अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है, जबकि निचले मैदानी इलाकों में इसके सामान्य रहने की संभावना है।

 

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