Edited By Jyoti M, Updated: 06 Jan, 2026 10:37 AM

साल 2026 के स्वागत के साथ ही हिमाचल प्रदेश के आम जनमानस पर महंगाई का एक नया बोझ आन पड़ा है। जहां लोग नए साल की नई उम्मीदें संजो रहे थे, वहीं निर्माण क्षेत्र से आई खबर ने मध्यम वर्ग के 'अपने घर' के सपने को महंगा कर दिया है। प्रदेश में निर्माण के दो...
हिमाचल डेस्क। साल 2026 के स्वागत के साथ ही हिमाचल प्रदेश के आम जनमानस पर महंगाई का एक नया बोझ आन पड़ा है। जहां लोग नए साल की नई उम्मीदें संजो रहे थे, वहीं निर्माण क्षेत्र से आई खबर ने मध्यम वर्ग के 'अपने घर' के सपने को महंगा कर दिया है। प्रदेश में निर्माण के दो सबसे मुख्य स्तंभों— सीमेंट और सरिये के दामों में अचानक हुई वृद्धि ने बाजार और उपभोक्ताओं दोनों को चौंका दिया है।
सीमेंट की कीमतों में उछाल: ब्रांड्स के नए रेट्स
प्रदेश की प्रमुख सीमेंट कंपनियों ने प्रति बोरी 5 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। इन नई दरों के बाद बाजार का समीकरण कुछ इस प्रकार है:
ACC सुरक्षा: इसकी कीमत अब ₹390 से बढ़कर ₹395 हो गई है।
ACC गोल्ड: प्रीमियम श्रेणी का यह सीमेंट अब ₹435 के बजाय ₹440 में मिलेगा।
अंबुजा सीमेंट: अब ग्राहकों को एक बोरी के लिए ₹400 के स्थान पर ₹405 चुकाने होंगे।
अल्ट्राटेक सीमेंट: इसकी कीमत भी बढ़कर अब ₹400 प्रति बैग तक पहुँच गई है।
डीलरों का कहना है कि उत्पादन और ढुलाई के बढ़ते खर्चों के कारण कंपनियां कीमतों को नियंत्रित नहीं कर पा रही हैं, जिसका सीधा असर अब आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है।
सरिया भी हुआ लाल: ₹500 प्रति क्विंटल की भारी वृद्धि
केवल सीमेंट ही नहीं, बल्कि मकान की मजबूती के लिए अनिवार्य सरिये (Steel Bars) की कीमतों ने भी लंबी छलांग लगाई है। महज एक हफ्ते के भीतर सरिये के भाव में ₹500 प्रति क्विंटल का इजाफा देखा गया है। जो सरिया पिछले सप्ताह तक ₹5500 में मिल रहा था, उसका भाव अब ₹6000 के स्तर को छू गया है।
सियासी गलियारों में उबाल: विपक्ष के तीखे तेवर
महंगाई के इस मुद्दे ने प्रदेश की राजनीति को भी गरमा दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इस मूल्य वृद्धि को 'अमानवीय' करार दिया है। उनके विरोध के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
आपदा की मार: जयराम ठाकुर ने तर्क दिया कि प्रदेश अभी आपदा के जख्मों से उबरा नहीं है। हजारों लोग बेघर हैं और अपने आशियानों के पुनर्निर्माण की कोशिश कर रहे हैं, ऐसे में कीमतों का बढ़ना उनके घावों पर नमक छिड़कने जैसा है।