Edited By Vijay, Updated: 01 Apr, 2026 05:38 PM

नशे के खिलाफ चलाए जा रहे जीरो टॉलरैंस अभियान के तहत रोहड़ू पुलिस को एक अहम सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक वाहन में मादक पदार्थ (चिट्टा/हैरोइन) की तस्करी कर रहे 4 युवकों को रंगे हाथों पकड़ा है।
रोहड़ू: नशे के खिलाफ चलाए जा रहे जीरो टॉलरैंस अभियान के तहत रोहड़ू पुलिस को एक अहम सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक वाहन में मादक पदार्थ (चिट्टा/हैरोइन) की तस्करी कर रहे 4 युवकों को रंगे हाथों पकड़ा है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगामी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार पुलिस को बीती 30 मार्च को एक विश्वसनीय गुप्त सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया था कि सैंजी निवासी प्रिंस देष्टा अपने कुछ साथियों के साथ एक वाहन में नशीले पदार्थ की तस्करी करने की फिराक में है। इस सटीक सूचना को आधार बनाते हुए पुलिस टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला और संबंधित वाहन को इंटरसेप्ट करने के लिए चैकिंग शुरू कर दी। जब पुलिस ने संदेह के आधार पर उक्त वाहन को रोककर उसकी गहनता से तलाशी ली, तो उसमें 4 युवक सवार पाए गए। जांच के दौरान उनके कब्जे से करीब 4 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान प्रिंस देष्टा पुत्र रमेश चंद निवासी सैंजी, अंकित पुत्र भूपिंदर चांजटा निवासी चांदपुर (हाटकोटी), रजनीश पुत्र सोहन लाल निवासी अढाल और वीरेंद्र पुत्र केहर सिंह निवासी सैंजी के रूप में की गई है।
शिमला के एसएसपी गौरव सिंह ने इस पूरे मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ रोहड़ू पुलिस थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21, 25, 29, 61 और 85 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। एसपी ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए इनमें से 3 युवकों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35 (3) के तहत बाऊंड डाऊन किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुट गई है कि ये युवक चिट्टे की खेप कहां से लाए थे और इसे आगे किसे सप्लाई किया जाना था।
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