Edited By Kuldeep, Updated: 26 Mar, 2026 06:25 PM
महिलाओं को संसद में 33 फीसदी आरक्षण दिए जाने की स्थिति में हिमाचल प्रदेश में लोकसभा सीटों की संख्या 4 से बढ़कर 6 हो सकती है।
शिमला (कुलदीप): महिलाओं को संसद में 33 फीसदी आरक्षण दिए जाने की स्थिति में हिमाचल प्रदेश में लोकसभा सीटों की संख्या 4 से बढ़कर 6 हो सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि केंद्र सरकार वर्ष, 2029 में होने वाले लोकसभा नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने पर विचार कर रही है। इससे हिमाचल प्रदेश के अनुसूचित जनजाति (एसटी) क्षेत्र के लिए लोकसभा की 1 अलग सीट आरक्षित हो सकती है, जिसमें किन्नौर, लाहौल-स्पीति और भरमौर जैसे क्षेत्रों को शामिल किया जा सकता है। हालांकि महिलाओं को किसी भी तरह का आरक्षण देने के लिए वर्ष, 2011 या फिर अगली जनगणना को आधार बनाया जाएगा। इस तरह 2 सीटों के बढ़ने से चारों संसदीय क्षेत्रों का वर्तमान स्वरूप बदल सकता है। मौजूदा समय में हिमाचल प्रदेश में लोकसभा की 4 सीटें हैं, जिसमें से शिमला संसदीय क्षेत्र अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित है।
इस समय हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत देहरा, जसवां प्रागपुर, धर्मपुर, भोरंज (एससी), सुजानपुर, हमीरपुर, बड़सर, नादौन, चिंतपूर्णी (एससी) गगरेट, हरोली, ऊना, कुटलैहड़, झंडूता (एससी), घुमारवीं, बिलासपुर और श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र आते हैं। कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में अभी चुराह (एससी), चम्बा, डलहौजी, भटियात, नूरपुर, इंदौरा (एससी), फतेहपुर, जवाली, ज्वालामुखी, जयसिंहपुर (एससी), सुलह, नगरोटा, कांगड़ा, शाहपुर, धर्मशाला, पालमपुर और बैजनाथ (एससी) एवं मंडी संसदीय क्षेत्र में भरमौर (एसटी), लाहौल-स्पीति (एसटी), कुल्लू, मनाली, बंजार, आनी (एससी), करसोग (एससी), सुंदरनगर, नाचन (एससी), सिराज, द्रंग, जोगिंद्रनगर, मंडी, बल्ह (एससी), सरकाघाट, रामपुर और किन्नौर (एसटी) विधानसभा क्षेत्र आते हैं।
शिमला आरक्षित संसदीय क्षेत्र में इस समय अर्की, नालागढ़, दून, सोलन (एससी), कसौली (एससी), पच्छाद (एससी) नाहन, श्री रेणुका जी (एससी) पांवटा साहिब, शिलाई, चौपाल, ठियोग, कुसुम्पटी, शिमला, शिमला ग्रामीण, जुब्बल-कोटखाई व रोहड़ू (एस.सी.) विधानसभा क्षेत्र आते हैं। उल्लेखनीय है कि आने वाले समय में लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़कर 816 हो सकती है। यह प्रस्ताव जनसंख्या के मौजूदा अनुपात को बनाए रखते हुए परिसीमन आयोग के जरिए लागू किया जाएगा, जिसमें कुल सीटों का 1 तिहाई महिलाओं के लिए आरक्षित रहेगा।
वर्ष, 2027 के विधानसभा चुनाव में लागू नहीं होगा आरक्षण
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में इस समय 68 सीटें हैं। राज्य में आगामी चुनाव वर्ष, 2027 में होने प्रस्तावित हैं, जिसमें महिलाओं के लिए 33 फीसदी सीटें आरक्षित नहीं होंगी। यानी वर्ष, 2027 के बाद जब विधानसभा के अगले चुनाव होंगे, तो उस समय महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण मिलने की संभावना है।