Shimla: आपदा में जश्न मनाना ही रही सरकार की उपलब्धि : जयराम

Edited By Kuldeep, Updated: 05 Mar, 2026 11:01 PM

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पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया है कि वर्तमान सरकार की उपलब्धि आपदा में जश्न मानने तक सीमित है। उन्होंने आपदा एक्ट को हटाए जाने को लेकर भी सरकार भी सवाल उठाए।

शिमला (ब्यूरो): पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया है कि वर्तमान सरकार की उपलब्धि आपदा में जश्न मानने तक सीमित है। उन्होंने आपदा एक्ट को हटाए जाने को लेकर भी सरकार भी सवाल उठाए। जयराम ठाकुर ने शिमला से जारी बयान में मुख्यमंत्री से पूछा कि आपदा राहत के नाम पर अब तक कितनी राशि प्रभावितों पर खर्च की गई और धरातल पर उसका क्या असर दिखा? उन्होंने आरोप लगाया कि 8 महीने बाद भी सड़कों पर मलबा बिखरा पड़ा है और सैंकड़ों बस रूट बंद पड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आपदा में बड़ी-बड़ी मशीनों के बिल पास करने के अलावा सरकारी खजाने से मित्रों के घर भरे गए।

उन्होंने सरकार से जानना चाहा कि जो पुल आपदा में टूट गए थे, उन्हें आज भी केवल अस्थायी व्यवस्था के माध्यम से छोटे और हल्के वाहनों के योग्य ही बनाया जा सका है? उन्होंने कहा कि कई पेयजल योजनाएं आज भी बहाल नहीं हो पाई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने आपदा एक्ट की आड़ में केवल पंचायत चुनावों को टालने का काम किया। उन्होंने दावा किया कि सरकार जान-बूझकर चुनाव आगे खिसकाकर विकास की गति को रोकना चाहती है और केंद्र से मिलने वाली आर्थिक मदद को पंचायतों तक पहुंचने से रोक रखा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने विधानसभा में 1 सितम्बर को आपदा एक्ट लगाने का ऐलान किया था, लेकिन इसे वास्तव में अक्तूबर में लागू किया गया। इतने लंबे समय तक आपदा एक्ट लगाकर केवल विकास कार्यों को बाधित किया गया।

केंद्र सरकार के नीतिगत सुधारों से बदला भारत का व्यावसायिक माहौल : हर्ष महाजन
भाजपा सांसद हर्ष महाजन ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की तरफ से किए गए नीतिगत और संरचनात्मक सुधारों ने भारत के व्यावसायिक वातावरण को पूरी तरह बदल दिया है। आज भारत निवेश और व्यापार दोनों के लिए दुनिया के सबसे आकर्षक देशों में तेजी से उभर रहा है। हर्ष महाजन ने शिमला से जारी बयान में कहा कि वर्ष 2020-21 में भारत में पंजीकृत कंपनियों की संख्या लगभग 1.55 लाख थी, जो 3 फरवरी, 2026 तक बढ़कर 1.98 लाख हो गई है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप इंडिया, ऋण गारंटी योजनाएं, डिजिटल ऋण मूल्यांकन मॉडल और एमएसएमई को वित्तीय सहायता जैसी पहलों ने देश में एक पारदर्शी, तकनीक-आधारित और निवेशक-अनुकूल व्यवस्था तैयार की है।

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