Shimla: सुपर स्पैशलिटी अस्पताल चमियाणा व टांडा के बाद IGMC में भी होगी रोबोटिक सर्जरी

Edited By Kuldeep, Updated: 01 Mar, 2026 05:19 PM

shimla igmc robotic surgery

सुपर स्पैशलिटी अस्पताल चमियाणा और टांडा मैडीकल कालेज के बाद अब आईजीएमसी शिमला भी रोबोटिक सर्जरी में नई इबारत लिखेगा, जिससे मरीजों को भी लाभ मिलेगा।

शिमला (संतोष): सुपर स्पैशलिटी अस्पताल चमियाणा और टांडा मैडीकल कालेज के बाद अब आईजीएमसी शिमला भी रोबोटिक सर्जरी में नई इबारत लिखेगा, जिससे मरीजों को भी लाभ मिलेगा। यहां 10 मार्च को रोबोटिक सर्जरी का आगाज मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा करीब 25 करोड़ रुपए की लागत से खरीदा रोबोट आईजीएमसी के सीटीवीएस विभाग के ओटी में स्थापित कर दिया है। 10 मार्च को औपचारिक उद्घाटन के बाद मरीजों के ऑप्रेशन इस आधुनिक तकनीक से शुरू होंगे। इसके लिए चिकित्सकों को रोबोटिक सिस्टम पर विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

रोबोटिक सर्जरी के शुरू होने से प्रदेश के मरीजों को बड़ा लाभ मिलेगा। बता दें कि सर्वप्रथम सुपर स्पैशलिटी अस्पताल चमियाणा में रोबोटिक सर्जरी की शुरूआत हुई है और पिछले वर्ष 11 अगस्त से लेकर अब तक करीब 150 सर्जरी इस रोबोटिक मशीन से की जा चुकी हैं। सुपर स्पैशलिटी अस्पताल चमियाणा में रोबोटिक सर्जरी के 50,000 रुपए दाम लिए जा रहे हैं, जबकि यही सर्जरी निजी अस्पतालों व बाहरी राज्यों में डेढ़ से 2 अढ़ाई लाख रुपए तक होती है। इसके उपरांत टांडा मैडीकल कालेज में दूसरी रोबोटिक मशीनरी स्थापित की गई है, जिससे निचले हिमाचल के लोगों को इसका लाभ मिल रहा है और वे बाहरी व निजी अस्पतालों में भारी भरकम दामों से राहत पा रहे हैं और अपने समीप के अस्पताल में ही रोबोटिक सर्जरी का लाभ ले रहे हैं। इसी कड़ी में अब आईजीएमसी शिमला में भी रोबोटिक सर्जरी का आगाज हो रहा है।

रोबोटिक सर्जरी में बहुत छोटा लगता है चीरा, दर्द भी कम व जल्द होते हैं स्वस्थ
रोबोटिक सर्जरी की तकनीक से ऑप्रेशन के दौरान बहुत छोटा चीरा लगाया जाता है, जिससे रक्तस्राव कम होता है और संक्रमण का खतरा भी घटता है। मरीजों को कम दर्द होता है और वे अपेक्षाकृत कम समय में स्वस्थ होकर घर जा सकते हैं। थ्री-डी और हाई डैफिनिशन इमेजिंग की मदद से डाक्टर शरीर के जटिल व संकरे हिस्सों में भी सटीकता के साथ सर्जरी कर सकेंगे। इससे प्रदेश के मरीजों को महंगी सर्जरी के लिए बाहरी राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा, अपितु सुपर स्पैशलिटी अस्पताल चमियाणा के साथ अब आई.जी.एम.सी. में भी यह सुविधा उपलब्ध होगी, क्योंकि मरीजों को चमियाणा में जाना पड़ता था, लेकिन अब वे आईजीएमसी में ही इसका लाभ उठा सकेंगे।

उद्घाटन की तैयारियां जोरों पर, 10 मार्च को सीएम करेंगे शुभारंभ: डा. राहुल
आईजीएमसी अस्पताल के एमएस डा. राहुल ने कहा कि आईजीएमसी पहुंचे मुख्यमंत्री ने एक कार्यक्रम में स्वयं इस बात का जिक्र किया है और 10 मार्च को रोबोटिक सर्जरी के उद्घाटन के लिए तैयारियां मुकम्मल की जा रही हैं। डाक्टरों को प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है और 10 मार्च से आईजीएमसी में यह सुविधा मिलनी आरंभ हो जाएगी।

आईजीएमसी में बढ़ रही मशीनरी, पैट स्कैन मशीन और सिम्युलेटर मशीन भी हो रही स्थापित
आईजीएमसी के कैंसर अस्पताल में 25 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित पैट स्कैन मशीन का ट्रायल चरण चल रहा है। अब करीब 12 से 13 ट्रायल टैस्ट किए जाएंगे। इन ट्रायल टैस्टों के सफल होने के बाद ही मशीन का उद्घाटन होगा। इसके अलावा कैंसर अस्पताल में 8 करोड़ रुपए की लागत से सीटी सिम्युलेटर मशीन स्थापित की है, जो रेडिएशन थैरेपी की योजना बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। 24 करोड़ रुपए की लागत से हाई-एंड लीनैक मशीन भी स्थापित की है, जिससे कैंसर मरीजों को अत्यंत सटीक, सुरक्षित और प्रभावी रेडिएशन थैरेपी उपलब्ध करवाई जा सकेगी। मरीजों को इससे लाभ मिलेगा और उन्हें बाहरी राज्यों व निजी अस्पतालों में जाने की आवश्यकता नहीं रहेगी।

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