Shimla: केंद्रीय बजट प्रतिक्रिया भाजपा ने सराहा तो कांग्रेस ने करार दिया निराशाजनक

Edited By Kuldeep, Updated: 01 Feb, 2026 06:24 PM

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प्रदेश में सत्ताधारी दल कांग्रेस ने जहां केंद्रीय बजट का निराशाजनक करार दिया है वहीं विपक्ष दल भाजपा ने बजट को ऐतिहासिक बताया है।

शिमला (राक्टा): प्रदेश में सत्ताधारी दल कांग्रेस ने जहां केंद्रीय बजट का निराशाजनक करार दिया है वहीं विपक्ष दल भाजपा ने बजट को ऐतिहासिक बताया है। कांग्रेस नेताओं का कहना हे कि बजट में न तो पहाड़ी राज्य हिमाचल की आर्थिक जरूरतों को समझा गया है और न ही उसकी विशिष्ट परिस्थितियों का ध्यान रखा गया है। आरोप है कि बजट में कृषि, बागवानी व पर्यटन विकास की कोई भी योजना का उल्लेख नहीं है। इसके साथ ही प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहे प्रदेश के पुनर्निर्माण के लिए केंद्रीय बजट में किसी भी प्रकार की ठोस आर्थिक सहायता या विशेष पैकेज की घोषणा नहीं की गई, जिससे प्रदेशवासियों की उम्मीदों पर पानी फिर गया। वहीं भाजपा नेताओं ने केंद्रीय बजट को हिमाचल प्रदेश के लिए विकास और अवसरों का बजट बताया है। उनका कहना है कि हैल्थ एंड केयर वर्कफोर्स योजना, मैडीकल टूरिज्म हब और आयुष सैक्टर को मजबूती देने वाले फैसले हिमाचल जैसे राज्य के लिए अत्यंत लाभकारी हैं।

केंद्रीय बजट हर वर्ग और क्षेत्र का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने वाला : जयराम
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने केंद्रीय बजट को विकसित भारत के संकल्प को सिद्धि प्रदान करने वाला सर्वस्पर्शी बजट करार दिया है। उन्होंने कहा है कि यह बजट आई.टी, सैमीकंडक्टर और स्वास्थ्य जैसे प्रमुख क्षेत्रों को नई गति प्रदान करेगा। विशेष रूप से 12.75 लाख रुपए तक की कर-मुक्त आय ने मध्यम वर्ग को बड़ी राहत दी है। लखपति दीदी और महात्मा गांधी हैंडलूम जैसी योजनाओं के माध्यम से नारी शक्ति और बुनकरों को वैश्विक बाजार से जोड़ा गया है। कैंसर की दवाओं पर सीमा शुल्क में छूट और हिमाचल में माऊंटेन ट्रेल जैसे प्रोजेक्ट दर्शाते हैं कि यह बजट विकास भी, विरासत भी के मंत्र के साथ हर वर्ग और क्षेत्र का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने वाला है। उन्होंने कहा कि बजट में इस बात का खास तौर से जिक्र होने से पहाड़ी राज्य हिमाचल में पर्यटन गतिविधियों को और मजबूती मिलेगी और रोजगार के साधन बढ़ेंगे। नए पर्यटन स्थल उभरेंगे और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए पर्यटन विस्तार होगा, जो राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

विकसित भारत की दिशा में ऐतिहासिक बजट : कश्यप
भाजपा सांसद सुरेश कश्यप ने केंद्रीय बजट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के समावेशी विकास और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे पर्वतीय राज्यों के लिए ईको-फ्रैंडली माऊंटेन कॉरिडोर और पर्यटन को बढ़ावा देने वाली घोषणाएं प्रदेश के लिए विशेष सौगात हैं।

युवा आकांक्षाओं और विकसित भारत की सिद्धि का बजट : अनुराग
सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने केंद्रीय बजट को विकसित भारत और युवा आकांक्षाओं को पूरा करने वाला बजट बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बयानबाजी के बजाए सुधारों के सिद्धांत के तहत आर्थिक विकास, जन आकांक्षाओं की पूर्ति और सबका विकास के 3 कर्त्तव्यों को स्पष्ट किया है।

हिमाचल को विकास, स्वास्थ्य और रोजगार का मजबूत बजट : भारद्वाज
भाजपा सांसद डा. राजीव भारद्वाज ने केंद्रीय बजट को हिमाचल प्रदेश के लिए विकास और अवसरों का बजट बताया है। उन्होंने कहा कि हैल्थ एंड केयर वर्कफोर्स योजना, मैडीकल टूरिज्म हब और आयुष सैक्टर को मजबूती देने वाले फैसले हिमाचल जैसे राज्य के लिए अत्यंत लाभकारी हैं। उन्होंने कहा कि यह बजट युवाओं को रोजगार और प्रदेश को स्वास्थ्य पर्यटन में नई पहचान देगा।

आत्मनिर्भर भारत और एमएसएमई सशक्तिकरण का बजट : महाजन
भाजपा सांसद हर्ष महाजन ने कहा कि बजट 2026-27 आत्मनिर्भर भारत को मजबूत करने वाला बजट है। एमएसएमई ग्रोथ फंड, ट्रेड्स प्लेटफॉर्म और टियर-2/3 शहरों में उद्यमिता समर्थन से हिमाचल के छोटे उद्योगों और युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह बजट रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है।

युवा शक्ति, क्रिएटिव इकोनॉमी और नए भारत का बजट : कंगना रनौत
भाजपा सांसद कंगना रनौत ने केंद्रीय बजट को युवाओं के सपनों और नए भारत की क्रिएटिव इकोनॉमी का बजट बताया है। उन्होंने कहा कि 15 हजार स्कूलों और 500 कालेजों में एवीजीसी लैब्स, डिजाइन स्कूल और डिजिटल करियर के अवसर देश को ग्लोबल क्रिएटिव हब बनाएंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल के युवा भी इस नई अर्थव्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभाएंगे।

महिला सशक्तिकरण और सबका विकास का बजट : इंदु
भाजपा सांसद इंदु गोस्वामी ने बजट 2026-27 को महिलाओं के सशक्तिकरण और समावेशी विकास का बजट बताया। उन्होंने कहा कि शी मार्ट्स योजना, हर जिले में गर्ल्स होस्टल और शिक्षा-रोजगार को जोड़ने वाले कदम महिलाओं को नई ताकत देंगे। उन्होंने कहा कि यह बजट महिला उद्यमिता और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करेगा।

हिमाचल के लिए विशेष अवसरों का बजट : सिकंदर
सांसद डा. सिकंदर कुमार ने बजट 2026-27 को भारत की आर्थिक संप्रभुता, आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने वाला बजट बताया है। उन्होंने कहा कि बायोफार्मा शक्ति योजना, सैमीकंडक्टर मिशन 2.0 और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश भारत को भविष्य की अर्थव्यवस्था बनाएंगे। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि हिमाचल को पर्यटन, फार्मा और पर्वतीय कनैक्टिविटी योजनाओं से बड़ा लाभ होगा।

केंद्रीय बजट बेहद निराशाजनक : नरेश चौहान
मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा कि केंद्रीय बजट हिमाचल प्रदेश के लिए बेहद निराशाजनक और चिंताजनक है। इस बजट में न तो पहाड़ी राज्य हिमाचल की आर्थिक जरूरतों को समझा गया है और न ही उसकी विशिष्ट परिस्थितियों का ध्यान रखा गया है। प्रदेश के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय यह है कि रेवैन्यू डैफिसिट ग्रांट को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। इससे प्रदेश को सीधे तौर पर 40 हजार करोड़ रुपए का भारी नुक्सान हुआ है।

कृषि, बागवानी व पर्यटन विकास की कोई भी योजना नहीं : प्रतिभा
पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह ने केंद्रीय बजट पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा है कि बजट में राज्यों के विकास के लिए कोई भी ऐसी योजना नही है, जिससे उनके राजस्व घाटे में कोई कमी आए। प्रतिभा सिंह ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि बजट में प्रदेश को प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए किसी आर्थिक पैकेज की घोषणा होगी, पर ऐसा कुछ नहीं हुआ। बजट में कृषि, बागवानी व पर्यटन विकास की कोई भी योजना का उल्लेख न होना भी आश्चर्यजनक है। केंद्रीय बजट में हिमाचल की अनदेखी हुई है।

आपदा पीड़ित प्रदेश को नहीं मिली राहत : राठौर
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने केंद्रीय बजट में हिमाचल प्रदेश के साथ घोर अन्याय किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहे प्रदेश के पुनर्निर्माण के लिए केंद्रीय बजट में किसी भी प्रकार की ठोस आर्थिक सहायता या विशेष पैकेज की घोषणा नहीं की गई, जिससे प्रदेशवासियों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। राठौर ने बजट को आंकड़ों का मायाजाल करार दिया।

क्या बोले, महासंघ के अध्यक्ष त्रिलोक ठाकुर
हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष त्रिलोक ठाकुर ने कहा है कि केंद्रीय बजट से कर्मचारियों को निराशा हाथ लगी है। उन्होंने कहा कि आयकर सीमा न बढ़ाए जाने से कर्मचारियों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। साथ ही हिमाचल के लिए बजट में कुछ नहीं है।

कर्मचारियों को मिली निराशा : भरत शर्मा
कर्मचारी नेता भरत शर्मा ने कहा कि केंद्रीय बजट से उम्मीदें थीं कि केंद्र और सभी राज्यों सरकार के कर्मचारियों के लिए पुरानी पैंशन बहाल की जाएगी, लेकिन ऐसी कोई घोषणा नहीं हुई है। इससे देश भर के कर्मचारियों को निराशा हाथ लगी है।

आयकर स्लैब में नहीं किया गया कोई बदलाव : आत्मा राम
हिमाचल प्रदेश पैंशनर्ज एसोसिएशन के अध्यक्ष आत्मा शर्मा ने कहा कि आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे कर्मचारियों और पैंशनर्ज में निराशा है। इसके साथ ही किसानों और बागवानों के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है। ऐसे में केंद्रीय बजट निराशाजनक है।

15 हजार केंद्रीय कर्मचारियों व 8 हजार पैंशनर्ज को निराशा : गौतम
हिमाचल प्रदेश केंद्रीय कर्मचारी एवं श्रमिक समन्वय समिति के मुख्य संरक्षक के.एल. गौतम का कहना है कि केंद्रीय बजट 15 हजार केंद्रीय कर्मचारियों व 8 हजार पैंशनर्ज के लिए निराशा लेकर आया है। उन्होंने कहा कि 1 जनवरी 2026 से 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होनी हैं, जिससे केंद्रीय कर्मचारियों व पैंशनर्ज को भी लाभ होगा, लेकिन बजट में इसके लिए कोई घोषणा नहीं की गई है। इसी तरह आयकर स्लैब में छूट न देने से भी कर्मचारियों व पैंशनर्ज काे निराशा हाथ लगी है।

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