Edited By Kuldeep, Updated: 29 Jan, 2026 10:40 PM

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आगामी केंद्रीय बजट में हिमाचल प्रदेश के लिए अतिरिक्त बजट की मांग की है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक सीमावर्ती एवं पर्वतीय राज्य है और यहां की विशेष भौगोलिक व वित्तीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार...
शिमला (प्रीति): शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आगामी केंद्रीय बजट में हिमाचल प्रदेश के लिए अतिरिक्त बजट की मांग की है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक सीमावर्ती एवं पर्वतीय राज्य है और यहां की विशेष भौगोलिक व वित्तीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार आगामी बजट में राज्य के लिए अतिरिक्त बजट का प्रावधान करे। रोहित ठाकुर ने केंद्र से मांग उठाते हुए कहा कि प्रदेश में भारी प्राकृतिक आपदाओं से क्षतिग्रस्त योजनाओं के पुन: निर्माण के लिए पर्याप्त धनराशि जारी की जाए, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन को दोबारा पटरी पर लाया जा सके। रोहित ठाकुर ने केंद्र सरकार से आगामी बजट में सेब पर आयात शुल्क बढ़ाने, सेब को स्पैशल कैटेगरी में डालने और एम.आई.एस में 50 प्रतिशत केंद्र के बजट को बहाल करने की मांग की है।
उन्होंने मार्कीट इंटरवैंशन स्कीम का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पहले इस योजना में केंद्र और राज्य सरकार की 50:50 प्रतिशत हिस्सेदारी होती थी, लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार ने अपने 50 प्रतिशत हिस्से के बजट को समाप्त कर दिया, जिससे बागवानों को नुक्सान उठाना पड़ा है। यूजीसी के नए नियमों पर भी उन्होंने कहा कि किसी भी नियम का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। मामला अब सुप्रीम कोर्ट के विचाराधीन है। ऐसे में इस पर कुछ भी ज्यादा कहना उचित नहीं होगा।