Edited By Kuldeep, Updated: 20 Jan, 2026 06:32 PM

हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं एवं शहरी निकायों के आगामी चुनावों को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
शिमला (भूपिन्द्र): हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं एवं शहरी निकायों के आगामी चुनावों को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। प्रदेश राज्य चुनाव आयुक्त अनिल खाची ने अधिकारियों को मतदाता सूची का प्रकाशन, उसकी प्रिंटिंग और आरक्षण रोस्टर से जुड़े सभी कार्य 28 फरवरी से पहले पूरा करने को कहा। आरक्षण रोस्टर को लेकर उच्च न्यायालय द्वारा भी 28 फरवरी तक की समयसीमा निर्धारित की गई है, ऐसे में राज्य चुनाव आयोग उसी तिथि तक इंतजार करेगा। मंगलवार को राज्य सचिवालय में हिमाचल प्रदेश राज्य चुनाव आयुक्त के कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को उच्च न्यायालय के आदेशों की जानकारी दी गई।
आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि सभी कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि फिलहाल 3 प्रमुख कार्य प्राथमिकता में हैं। पहला मतदाता सूची का समय पर प्रकाशन, दूसरा मतदाता सूची की प्रिंटिंग तथा तीसरा आरक्षण रोस्टर को जारी करना। इन प्रक्रियाओं के पूर्ण होने के बाद ही चुनाव कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जा सकेगा। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि सभी संबंधित प्रक्रियाएं समयबद्ध ढंग से पूरी हों, ताकि चुनाव करवाने में किसी प्रकार की बाधा न आए। चुनाव आयोग का प्रयास है कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और निर्धारित समयसीमा में सभी औपचारिकताएं पूरी कर लें। जानकारी है कि अधिकारियों ने राज्य चुनाव आयुक्त को बताया कि नई पंचायतों के गठन की प्रक्रिया जारी है।
बैठक में प्रधान सचिव शहरी विकास, वित्त, योजना, 20 सूत्रीय कार्यक्रम, अर्थिकी एवं सांख्यिकी, आबकारी एवं कराधान तथा पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन देवेश कुमार, निदेशक एवं विशेष सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन डीसी राणा, निदेशक पंचायती राज एवं शहरी विकास सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अदालत के आदेशों के अनुरूप कार्य करने तथा तय समयसीमा में सभी प्रक्रियाएं पूरी करने का आश्वासन दिया। राज्य चुनाव आयुक्त अनिल खाची ने बताया कि पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को लेकर अधिकारियों से बैठक की गई तथा उन्हें उच्च न्यायालय के फैसले से अवगत करवाया गया।
पंचायती राज संस्थाओं के साथ हो सकते हैं शहरी निकाय के चुनाव
पंचायती राज संस्थाओं के साथ शहरी निकाय (यूएलबी) के चुनाव होंगे। क्योंकि अप्रैल माह में शहरी निकायों का कार्यकाल भी पूरा हो रहा है। ऐसे में चुनाव आयोग एक साथ ही दोनों के चुनाव करवा सकता है।