Edited By Jyoti M, Updated: 25 Jan, 2026 04:49 PM

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में बर्फबारी का उल्लास अब धीरे-धीरे मुश्किलों में तब्दील हो रहा है। ताज़ा समाचारों के अनुसार, पहाड़ों की रानी में अब आसमान से गिरते फाहे नहीं, बल्कि छतों पर जमी भारी-भरकम 'सफ़ेद आफत' दहशत का सबब बनी हुई है।
हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में बर्फबारी का उल्लास अब धीरे-धीरे मुश्किलों में तब्दील हो रहा है। ताज़ा समाचारों के अनुसार, पहाड़ों की रानी में अब आसमान से गिरते फाहे नहीं, बल्कि छतों पर जमी भारी-भरकम 'सफ़ेद आफत' दहशत का सबब बनी हुई है।
धूप खिलने के साथ ही अब ढलान वाली छतों पर जमी बर्फ पिघलकर अचानक नीचे गिर रही है। यह स्थिति किसी बड़े पत्थर के गिरने जैसी जानलेवा साबित हो रही है।
गाड़ियों पर भारी पड़ा कुदरत का प्रहार
शहर के यूएस क्लब जैसे रिहायशी इलाकों में खड़ी गाड़ियों के लिए यह समय काफी चुनौतीपूर्ण है। हाल ही में एक कार के ऊपर छत से भारी बर्फ का ढेर गिर गया, जिससे वाहन पूरी तरह पिचक गया। राहत की बात यह रही कि उस समय वाहन के भीतर कोई सवार नहीं था। इसी क्षेत्र में कई अन्य गाड़ियां भी मलबे की तरह गिरी बर्फ के नीचे दब गई हैं, जिन्हें निकालने के लिए स्थानीय लोग कड़ा संघर्ष कर रहे हैं।
राहगीरों की बढ़ी मुश्किलें
सिर्फ वाहन ही नहीं, बल्कि पैदल चलने वाले लोग भी अब खौफ के साये में हैं। संकरी गलियों में चलते समय लोगों को ऊपर की ओर नज़रें टिकाए रखनी पड़ रही हैं। पिघलती बर्फ के अचानक गिरने के डर से पर्यटकों और स्थानीय निवासियों ने छतों के किनारों के नीचे से गुजरना बंद कर दिया है।
सड़कों पर 'फिसलन' की चुनौती
तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण सड़कों पर बर्फ की परत कांच की तरह सख्त और चिकनी हो गई है। ढलान वाले रास्तों पर चलना किसी जोखिम से कम नहीं है। हालांकि, नगर निगम के कर्मचारी सक्रियता दिखाते हुए रास्तों को सुरक्षित बनाने के लिए उन पर रेत का छिड़काव कर रहे हैं और जमाव हटाने में जुटे हैं।
सुरक्षा के लिए जरूरी हिदायतें
प्रशासन ने वर्तमान स्थिति को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है। नागरिकों को निम्नलिखित बातों का ध्यान रखने को कहा गया है:
असुरक्षित पार्किंग: वाहनों को ऐसी इमारतों के नीचे न खड़ा करें जिनकी छत ढलान वाली हो।
सतर्क पैदल मार्ग: चलते समय किनारों के बजाय रास्ते के बीच में चलें।
निरीक्षण: बर्फ हटाते समय स्वयं की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें।
शिमला में जनजीवन पटरी पर लौटने की कोशिश कर रहा है, लेकिन गिरती बर्फ का यह नया खतरा फिलहाल टला नहीं है।