Edited By Vijay, Updated: 14 Jan, 2026 07:38 PM

विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत आरटीओ शिमला विश्व मोहन देव चौहान ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना फिटनैस, बिना परमिट व अवैध दस्तावेजों के साथ चल रही एक निजी बस को जब्त किया गया है, जिसे एचआरटीसी वर्कशॉप में पार्क कर दिया गया है।
शिमला (संतोष): विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत आरटीओ शिमला विश्व मोहन देव चौहान ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना फिटनैस, बिना परमिट व अवैध दस्तावेजों के साथ चल रही एक निजी बस को जब्त किया गया है, जिसे एचआरटीसी वर्कशॉप में पार्क कर दिया गया है। इस दौरान चालक अपना वैध ड्राइविंग लाइसैंस तथा वाहन का वैध रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र (आरसी) प्रस्तुत करने में विफल रहा। वहीं, वाहन का विशेष सड़क कर बकाया पाया गया व यह भी पाया गया कि बस अपने परमिट में निर्धारित मार्ग से बाहर चल रही थी।
यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करने और परिवहन नियमों के कड़ाई से पालन करने के लिए आरटीओ की अगुवाई में यह अभियान चला हुआ है। इसके तहत आरटीओ ने निजी बस (एचपी 63ए-1964) को कई गंभीर उल्लंघनों के आधार पर तत्काल जब्त कर लिया है। जब्त किए गए वाहन को आगे के आदेशों तक एचआरटीसी कार्यशाला में खड़ा कर दिया गया है। यह कार्रवाई मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 207 के अंतर्गत की गई है, जिसे धारा 16(2) के प्रावधानों के साथ पढ़ा जाता है। धारा 16(2) के अनुसार बिना वैध फिटनैस प्रमाणपत्र के किसी वाहन का सार्वजनिक स्थान पर संचालन वर्जित है। धारा 207 के अंतर्गत अधिकारियों को ऐसे वाहनों को, जो अनिवार्य परमिट या फिटनैस प्रमाणपत्र के बिना चल रहे हों, तत्काल जब्त करने का अधिकार है। इसके अतिरिक्त बकाया सड़क कर एवं परमिट शर्तों के उल्लंघन के लिए भी संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
बस का संचालन यात्री सुरक्षा के दृष्टिगत बहु स्तरीय था खतरा : चौहान
आरटीओ विश्व मोहन देव चौहान ने कहा कि जब्त की गई निजी बस का संचालन यात्री सुरक्षा के लिए एक बहु-स्तरीय खतरा था। न केवल वाहन फिटनैस और परमिट विहीन था, अपितु चालक के पास लाइसैंस और आरसी भी नहीं थे। बकाया सड़क कर और परमिट मार्ग से बाहर चलना यह साबित करता है कि यह एक व्यवस्थित उल्लंघन था। ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जब्त वाहन को एचआरटीसी कार्यशाला में रखा गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।