Edited By Kuldeep, Updated: 30 Nov, 2025 06:17 PM

सस्ते राशन के डिपुओं एनएफएसए के तहत पात्रता न होने पर 5 लाख 71 हजार राशन कार्ड बाहर होंगे। पात्रता न होने वाले उपभोक्ताओं को एनएफएसए से बाहर करने की प्रक्रिया की जा रही है।
शिमला (राजेश): सस्ते राशन के डिपुओं एनएफएसए के तहत पात्रता न होने पर 5 लाख 71 हजार राशन कार्ड बाहर होंगे। पात्रता न होने वाले उपभोक्ताओं को एनएफएसए से बाहर करने की प्रक्रिया की जा रही है। इस प्रक्रिया पर प्रदेश के डिपो संचालकों ने सरकार व विभाग के इस कदम को सही ठहराया है, लेकिन इससे प्रदेश के 5 हजार से अधिक डिपो संचालकों की कमीशन घट जाएगी।
एनएफएसए के राशन पर प्रति क्विंटल 143 रुपए कमीशन मिलती है जबकि एपीएल व एपीएलटी के राशन पर 4 प्रतिशत कमीशन मिलता है। ऐसे में डिपो संचालकों ने प्रदेश सरकार से संचालकों के लिए नीति बनाने की वायदे को पूरा करने मांग की है। केंद्र सरकार द्वारा एनएफएसए की श्रेणी में चयन के लिए जो नए मानदंड अपनाए हैं उनके चलते हिमाचल प्रदेश के 5 लाख 71 हजार राशन कार्ड धारकों को बाहर करने की तैयारी विभाग ने कर ली है।
डिपो संचालकों को मासिक 20 हजार वेतन दे सरकार
प्रदेश डिपो संचालक समिति के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कवि ने कहा कि एनएफएसए के करीब 85 प्रतिशत राशन कार्डों की श्रेणी बदलने से निजी डिपो धारकों व सहकारी सभाओं के कमीशन में भारी कटौती होने से निजी डिपो धारकों व सहकारी सभाओं को आर्थिक नुक्सान झेलना पड़ेगा। एनएफएसए के राशन पर डिपो धारकों को 143 रुपए प्रति क्विंटल कमीशन मिलता था, जबकि एपीएल व एपीएलटी के राशन कार्डों पर मात्र 4 प्रतिशत कमीशन मिल रहा है।
प्रदेश के डिपो संचालक पहले ही आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और अब इतनी अधिक मात्रा में एनएफएसए के कार्डों की कटौती के चलते डिपो धारकों का आर्थिक संकट और गहरा जाएगा। उन्होंने सरकार से मांग की है कि आम विधानसभा चुनावों से पूर्व डिपो धारकों को 20 हजार रुपए मासिक वेतन देने के वायदे को शीघ्र पूरा करे।
कांग्रेस पार्टी ने विस चुनावों में की थी घोषणा
कवि ने कहा कि हालांकि कांग्रेस पार्टी ने हमारे साथ किए गए इस वायदे को बाकायदा अपने चुनावी घोषणा पत्र में भी डाला था, लेकिन प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार को बने तीन वर्ष बीत गए बावजूद इसके अभी तक हमारे साथ किए गए वायदे को सरकार पूरा नहीं कर पाई है।