हिमाचल में राशन कार्डों पर सर्जिकल स्ट्राइक! पकड़े गए 2 लाख फर्जी कार्ड धारक; जांच में खुला बड़ा खेल

Edited By Swati Sharma, Updated: 24 Feb, 2026 02:17 PM

surgical strike on ration cards in himachal 2 lakh fake card holders caught

Himachal News : हिमाचल में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से चलाए गए विशेष सत्यापन अभियान के बड़े परिणाम सामने आए हैं। विभाग की सख्ती के चलते प्रदेश में राशन कार्ड उपभोक्ताओं की कुल संख्या 72 लाख से...

Himachal News : हिमाचल में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से चलाए गए विशेष सत्यापन अभियान के बड़े परिणाम सामने आए हैं। विभाग की सख्ती के चलते प्रदेश में राशन कार्ड उपभोक्ताओं की कुल संख्या 72 लाख से घटकर अब 70 लाख पर सिमट गई है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा की गई गहन जांच में प्रदेशभर में करीब 2 लाख फर्जी और अपात्र राशन कार्ड धारक चिन्हित किए गए हैं, जिन्हें तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।

इन सभी धांधलियों को पकड़ा गया

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की गहन जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। दरअसल, विभाग को शिकायतें मिल रही थीं कि प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे संपन्न परिवार भी सस्ता राशन डकार रहे थे, जो आय के तय मानकों के दायरे में नहीं आते। इसके अलावा, कई कार्ड मृत व्यक्तियों के नाम पर चल रहे थे, तो कहीं एक ही परिवार के नाम पर कई डुप्लीकेट कार्ड जारी थे। आधार सीडिंग और डिजिटल वेरिफिकेशन के जरिए इन सभी धांधलियों को पकड़ा गया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशक, IAS राम कुमार गौतम ने बताया कि डाटा शुद्धिकरण और पात्रता की पुनः जांच से यह गिरावट आई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता केवल असली जरूरतमंद परिवारों तक खाद्य सुरक्षा पहुंचाना है। उन्होंने कहा, "डुप्लीकेट और अपात्र लाभार्थियों को हटाना पीडीएस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए एक अनिवार्य प्रशासनिक सुधार था।"

पात्र परिवारों को मिलेगा सुधार का मौका

विभाग ने मानवीय पहलुओं का ध्यान रखते हुए स्पष्ट किया है कि किसी भी असली पात्र परिवार का हक नहीं छीना जाएगा। जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई पात्र परिवार तकनीकी कारणों या दस्तावेजों की कमी से सूची से बाहर हुआ है, तो उसे दोबारा सत्यापन का अवसर दिया जाए।

भविष्य में भी जारी रहेगी सख्ती

विभाग ने संकेत दिए हैं कि अब राशन कार्डों का सत्यापन एक नियमित प्रक्रिया होगी। उचित मूल्य की दुकानों के रिकॉर्ड और परिवार रजिस्टर का डिजिटल पोर्टल से लगातार मिलान किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इस सख्ती से न केवल सरकारी खजाने पर बोझ कम होगा, बल्कि 'सही लाभार्थी तक सही राशन' पहुंचाने की नीति को मजबूती मिलेगी।

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