Shimla: सरकार की हठधर्मिता व वित्तीय कुप्रबंधन ने राज्य की आर्थिकी को पहुंचाया नुक्सान : जयराम

Edited By Kuldeep, Updated: 15 Feb, 2026 06:32 PM

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पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार की हठधर्मिता व वित्तीय कुप्रबंधन ने राज्य की आर्थिकी को नुक्सान पहुंचाया है।

शिमला (ब्यूरो): पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार की हठधर्मिता व वित्तीय कुप्रबंधन ने राज्य की आर्थिकी को नुक्सान पहुंचाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की आर्थिकी सुधारने वाले महत्वपूर्ण प्रोजैक्ट को सरकार ने अपनी जिद, भ्रष्टाचार की संभावनाएं तलाशने की प्रवृत्ति और वित्तीय कुप्रबंधन से बदहाल कर दिया है। जयराम ठाकुर ने शिमला से जारी बयान में कहा कि यदि व्यवस्था परिवर्तन वाली सरकार नालागढ़ मैडीकल डिवाइस पार्क जैसे प्रोजैक्ट को समय से पूरा करती तो यह हिमाचल प्रदेश के लिए एक गेम चेंजर साबित हो सकता था।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने अपनी राजनीतिक दुर्भावना के चलते प्रदेश के हितों की बलि चढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि नालागढ़ के अलावा देश के 3 अन्य राज्यों में ऐसे पार्क प्रगति पर हैं। यमुना एक्सप्रैस-वे (उत्तर प्रदेश) में कंपनियों को प्लॉट आबंटित हो चुके हैं, उज्जैन (मध्य प्रदेश) में उन्नत तकनीक वाली कंपनियां निवेश कर रही हैं और कांचीपुरम (तमिलनाडु) वैंटिलेटर व पीसमेकर जैसे उपकरणों को बनाने वाली कंपनियों के निवेश की संभावनाएं बनाकर देश को चिकित्सा उपकरण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे कदम बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इसके लिए 30 करोड़ रुपए की पहली किस्त जारी भी की थी, जिसे राज्य सरकार ने लौटा दिया।

उन्होंने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के चरमराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आज हिमकेयर, आयुष्मान भारत और सहारा जैसी योजनाओं की देनदारियां चुकता नहीं होने से लाखों लोग परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में हिमकेयर के 400 करोड़ रुपए, आयुष्मान भारत के 250 करोड़ रुपए और सहारा योजना के 120 करोड़ रुपए की देनदारियां लंबित होने के कारण सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज ठप्प हो गया है। वैंडरों ने बकाया भुगतान न मिलने पर सर्जिकल सामान और दवाइयों की आपूर्ति रोक दी है, जिससे गरीब मरीजों के ऑप्रेशन टल रहे हैं और कैंसर जैसे गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों को हजारों रुपए के इंजैक्शन व दवाइयां बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं।

इसके अलावा आई.जी.एम.सी. जैसे प्रमुख अस्पतालों में स्पैशल वार्ड, एमआरआई और पैट स्कैन के दाम बढ़ाकर जनता की जेब पर डाका डाला जा रहा है। यहां तक कि धर्मशाला जैसे अस्पतालों में पर्ची और टैस्ट शुल्क तक बढ़ा दिए गए हैं। उन्होंने हमीरपुर मैडीकल कालेज का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां अल्ट्रासाऊंड मशीनें हफ्तों से खराब पड़ी हैं, जिससे गर्भवती महिलाओं और गरीब मरीजों को निजी लैब्स में आर्थिक नुक्सान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा जनता के स्वास्थ्य अधिकारों के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।

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