Shimla: उद्योगों से 16.5 प्रतिशत से ज्यादा बिजली शुल्क वसूली नहीं : हाईकोर्ट

Edited By Kuldeep, Updated: 28 Feb, 2026 10:16 PM

shimla industry electricity charges

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को मध्यम और बड़े औद्योगिक उपभोक्ताओं से 16.5 प्रतिशत से ज्यादा बिजली शुल्क वसूलने से रोक दिया है।

शिमला (वार्ता): हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को मध्यम और बड़े औद्योगिक उपभोक्ताओं से 16.5 प्रतिशत से ज्यादा बिजली शुल्क वसूलने से रोक दिया है। उच्च न्यायालय ने कहा है कि प्रथम दृष्टया इतनी ज्यादा बढ़ौतरी कानूनी नियमों के खिलाफ लगती है। पास किए गए आदेश संख्या 2102 वर्ष 2026, जिसका शीर्षक- मैसर्स वर्मा स्टोन क्रशर बनाम हिमाचल प्रदेश राज्य व अन्य था, में न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति रंजन शर्मा की खंडपीठ ने बिजली शुल्क के बारे में याचिकाकर्त्ता की शिकायत पर ध्यान दिया। शनिवार को यहां मीडिया को जारी आदेश में पीठ ने कहा कि 20 जुलाई 2017 से 11 प्रतिशत तय शुल्क एक सितम्बर 2023 की अधिसूचना के जरिये बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया और 18 जनवरी 2024 की अधिसूचना के जरिये इसे और बढ़ाकर 37.50 प्रतिशत कर दिया।

याचिकाकर्त्ता ने तर्क दिया कि लगातार की गई वृद्धियां हिमाचल प्रदेश बिजली (शुल्क) अधिनियम, 2009 की धारा 11(2) का उल्लंघन हैं। यह धारा अधिसूचना के माध्यम से बिजली शुल्क दरों में संशोधन की अनुमति तो देती है, लेकिन यह शर्त रखती है कि यह वृद्धि अधिनियम की धारा 3 के तहत पहले से निर्दिष्ट दरों के एक समय में 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। इस मामले को 23 अप्रैल 2026 को सीडब्ल्यूपी संख्या 15413 वर्ष 2024 के साथ सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया गया है, क्योंकि इसमें शामिल कानूनी मुद्दा समान बताया गया है।

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