Edited By Kuldeep, Updated: 02 Apr, 2025 10:02 PM

राज्य में इस वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में राज्य सरकार 49 अस्पतालों में 45 करोड़ की लागत से डायलिसिस सुविधा आरंभ करने जा रही है, जबकि 20 आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में यह सुविधा पहले से ही प्रदान की जा रही है।
शिमला (संतोष): राज्य में इस वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में राज्य सरकार 49 अस्पतालों में 45 करोड़ की लागत से डायलिसिस सुविधा आरंभ करने जा रही है, जबकि 20 आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में यह सुविधा पहले से ही प्रदान की जा रही है। सरकार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक-एक और जिला लाहौल-स्पीति में 2 आदर्श स्वास्थ्य संस्थान स्थापित कर रही है। कुल 69 आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों सेे 49 आदर्श स्वास्थ्य संस्थान बन कर तैयार हो गए हैं, जिसमें 4 से 6 विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस वर्ष 11 आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापित किए जाएंगे। जायका के सहयोग से प्रदेश के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों एवं आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में विश्व स्तरीय उपचार सुविधा प्रदान करने के लिए 1,700 करोड़ से अत्याधुनिक उपकरण खरीदे जा रहे हैं।
ट्रासटूजूंब टीके सहित 42 दवाएं कैंसर रोगियों को मिल रहीं नि:शुल्क
कैंसर रोगियों को नि:शुल्क उपचार की सुविधा सहित 42 प्रकार की दवाइयां मुफ्त प्रदान की जा रही हैं, जिसमें ट्रासटूजूंब टीका भी शामिल है, जिसकी कीमत लगभग 40 हजार रुपए है। कैंसर के मरीज को एक वर्ष में ऐसे 18 टीके लगते हैं और प्रदेश सरकार यह टीका प्रदान करने के लिए एक मरीज पर लगभग 7 लाख रुपए खर्च कर रही है। सरकार ने आई.जी.एम.सी. शिमला में नए कैंसर अस्पताल भवन और ट्रामा सैंटर का लोकार्पण किया है। प्रदेश में बढ़ रहे कैंसर के मामलों को गंभीरता से लेते हुए हमीरपुर में कैंसर का उत्कृष्ट केंद्र स्थापित किया जा रहा है। चम्बा और हमीरपुर मैडीकल कालेजों के लिए 200-200 करोड़ जारी किए गए हैं। वर्तमान वित्त वर्ष के लिए बजट में जिला शिमला के चमियाणा में ए.आई.एम.एस.एस. और जिला कांगड़ा के टी.एम.सी. में 45.50 करोड़ से रोबोटिक सर्जरी की सुविधा स्थापित की जा रही है। हमीरपुर व मंडी मैडीकल कालेजों में हृदय रोगियों के लिए कैथ लैब स्थापित करने का बजट में प्रावधान किया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए निजी क्षेत्र के सहयोग से 10 नए हैल्थ एंड वैलनैस सैंटर स्थापित हो रहे हैं।
1000 रोगी मित्र होंगे नियुक्त
स्वास्थ्य संस्थानों में करीब 1000 रोगी मित्र नियुक्त किए जाएंगे। मुख्यमंत्री वृद्धजन देखभाल योजना आरंभ कर 70 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को घर जाकर स्वास्थ्य परीक्षण सुविधा प्रदान करने की नई पहल भी सरकार करने जा रही है। स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम की शुरूआत होगी, पी.एच.सी. के डाक्टर और पैरामैडीकल स्टाफ नजदीक के स्कूलों में नियमित रूप से छात्रों की स्वास्थ्य जांच करेंगे और उनके लिए परामर्श एवं जागरूकता सत्र आयोजित करेंगे। सरकार ने 27 वर्ष तक के युवाओं को मुफ्त इंसुलिन पम्प प्रदान करने का निर्णय लिया है। एम्बुलैंस सेवा को और सुदृढ़ बनाने के लिए 25 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एम्बुलैंस खरीदी जाएंगी।
आयुष विभाग से भी लाभान्वित हो रहे लोग
राज्य के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में आयुष विभाग अहम भूमिका निभा रहा है। कांगड़ा जिला में 50 बिस्तरों की क्षमता वाले एकीकृत आयुष अस्पताल का निर्माण प्रस्तावित है। प्रदेश सरकार आचार्य चरक योजना आरंभ करने जा रही है, जिसके अंतर्गत सभी सरकारी आयुष अस्पतालों और औषधालयों में मरीजों को नि:शुल्क जांच की सुविधा के साथ-साथ 150 प्रकार की दवाइयां उपलब्ध करवाई जाएंगी।
विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की दिशा में आगे बढ़ रही सरकार : सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल सरकार विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियां होने के कारण राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को सुगम बनाना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है और इस चुनौती से निपटने के लिए राज्य सरकार ने स्वास्थ्य जगत में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि नई योजनाएं व प्रावधान भी सरकार करने जा रही है, जो प्रदेशवासियों को स्वस्थ जीवन प्रदान करने में कारगर होंगे, इसके लिए प्रदेश सरकार ने बजट में 3481 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।