Himachal: हड़ताल पर जा रहे हैं प्रदेश भर के बिजली कर्मचारी, सेवाएं हो सकती हैं प्रभावित

Edited By Kuldeep, Updated: 11 Feb, 2026 06:14 PM

shimla electricity workers strike

हिमाचल प्रदेश स्टेट इलैक्ट्रीसिटी बोर्ड कर्मचारी, इंजीनियर और पैंशनर्ज के सभी संगठन वीरवार को हड़ताल पर रहेंगे। ऐसे में आज प्रदेश भर में बिजली सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।

शिमला (राजेश): हिमाचल प्रदेश स्टेट इलैक्ट्रीसिटी बोर्ड कर्मचारी, इंजीनियर और पैंशनर्ज के सभी संगठन वीरवार को हड़ताल पर रहेंगे। ऐसे में आज प्रदेश भर में बिजली सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। कर्मचारी, इंजीनियर और पैंशनर्ज राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर रहेंगे। इस दौरान बिजली बोर्ड मुख्यालय सहित प्रदेश भर में बोर्ड कर्मचारी विद्युत (संशोधन) विधेयक 2025 के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश में विद्युत क्षेत्र को प्रभावित करने वाले कई महत्वपूर्ण मुद्दों का विरोध करेंगे।

वीरवार को प्रदेश सहित राष्ट्रीय स्तर पर लगभग 27 लाख बिजली कर्मचारी व अभियंता इस संशोधन बिल के खिलाफ हड़ताल में रहेंगे। प्रदेश में हिमाचल पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन ने भी हड़ताल का समर्थन किया है। ऐसे में इंजीनियर भी हड़ताल में रहेंगे, कार्यालयों में उपभोक्ताओं को इंजीनियर्ज नहीं मिलेंगे। हिमाचल पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष लोकेश ठाकुर ने बताया कि पहली बार बिजली कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में संयुक्त किसान मोर्चा और दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने भी आंदोलन में शामिल होने का निर्णय लिया है।

बिजली कर्मचारी, इंजीनियर, मजदूर संगठनों और किसानों की संयुक्त भागीदारी से 12 फरवरी की हड़ताल स्वतंत्र भारत के इतिहास की सबसे बड़ी औद्योगिक कार्रवाई में से एक होगी। उन्होंने कहा कि पावर सैक्टर में नियमित प्रकृति के कार्यों के लिए बड़े पैमाने पर आऊटसोर्सिंग की जा रही है। हड़ताल की प्रमुख मांगों में आऊटसोर्सिंग पर रोक लगाना, नियमित पदों पर सीधी भर्ती करना और आऊटसोर्स कर्मियों का नियमितीकरण भी शामिल है। उन्होंने कहा कि बिजली क्षेत्र का निजीकरण वितरण उत्पादन और टी.बी.सी.बी. के जरिए ट्रांसमिशन गरीब उपभोक्ताओं, छोटे एवं मध्यम उद्योगों तथा आम जनता के हितों के विरुद्ध है। इसलिए इलैक्ट्रीसिटी अमैंडमैंट बिल 2025 और प्रस्तावित नैशनल इलैक्ट्रीसिटी पॉलिसी 2026 को तत्काल वापस लिया जाना आवश्यक है।

ये है विरोध का कारण
विद्युत संशोधन विधेयक 2025 जिसे केंद्र सरकार द्वारा इस बजट सत्र में संसद में लाया जा रहा है को तुरंत वापस लिया जाए। इसके पारित हो जाने से विद्युत वितरण में निजीकरण और बहु लाइसैंसिंग को बढ़ावा मिलेगा जिससे संभावित रूप से टैरिफ वृद्धि, क्रॉस सबसिडी की समाप्ति, सार्वजनिक क्षेत्र की उपयोगिताएं कमजोर होंगी। स्मार्ट मीटरिंग पर फ्रंट का कहना है कि वह टैक्नोलोजी के खिलाफ नहीं है और मानते हैं इसका उपयोग वहीं होना चाहिए जहां देश व प्रदेश की जनता को इसका लाभ हो। वर्तमान में केंद्र सरकार की योजना के अंतर्गत प्रदेश में की जा रही स्मार्ट मीटरिंग न तो उपभोक्ता के हित में और न ही बोर्ड के हित में है।       

बिजली बोर्ड के 95 प्रतिशत कर्मचारी यूनियन के साथ : प्रशांत शर्मा
हिप्र स्टेट इलैक्ट्रीसिटी बोर्ड इम्प्लाइज यूनियन महा सचिव प्रशांत शर्मा ने कहा कि यूनियन एक प्रमुख संघीय संगठन है, जिसमें बोर्ड के सभी नॉन इंजीनियरिंग श्रेणी के कर्मचारी शामिल हैं और तकनीकी श्रेणी के लगभग 95 प्रतिशत कर्मचारी भी इस यूनियन से जुड़े हुए हैं। कर्मचारियों की व्यापक एकजुटता और समर्थन को देखते हुए यह पूर्ण विश्वास है कि 12 फरवरी की प्रस्तावित हड़ताल पूरी तरह सफल रहेगी।

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