Edited By Jyoti M, Updated: 03 Feb, 2026 11:35 AM

मंगलवार की सुबह उत्तराखंड-हिमाचल सीमा पर स्थित हरिपुर-कोटी-मीनस हाईवे चीख-पुकार से गूँज उठा। नेरवा डिपो की एक चलती-फिरती जिंदगी से भरी बस अचानक काल का ग्रास बन गई।
शिमला (संताेष)। मंगलवार की सुबह उत्तराखंड-हिमाचल सीमा पर स्थित हरिपुर-कोटी-मीनस हाईवे चीख-पुकार से गूँज उठा। नेरवा डिपो की एक चलती-फिरती जिंदगी से भरी बस अचानक काल का ग्रास बन गई। सामने से आ रहे वाहन को रास्ता देने की कोशिश में चालक ने नियंत्रण खोया और बस गहरी खाई को चीरती हुई सीधे नदी के ठंडे पानी में जा गिरी।
हादसे का घटनाक्रम
सुबह करीब 9:30 बजे, जब यात्री अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे थे, नेरवा से पांवटा साहिब जा रही हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस (HP 66A 2588) क्वानू के समीप दुर्घटना का शिकार हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, संकरे मार्ग पर साइड देते वक्त बस का संतुलन बिगड़ गया।
राहत और बचाव कार्य
घटना की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बस में 31 से 34 यात्री सवार थे। हादसे के तुरंत बाद परिचालक जगदीश चंद ने साहस दिखाते हुए पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही कालसी थाना प्रभारी दीपक धारीवाल के नेतृत्व में बचाव दल मौके पर पहुँचा।
हादसे में अब तक 3 लोगों की मृत्यु की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। दर्जनों यात्री चोटिल हैं, जिन्हें रेस्क्यू कर नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। बस की कमान चालक दिनेश शर्मा के हाथों में थी।
चुनौतियां और वर्तमान स्थिति
खाई में गिरने के कारण बचाव कार्य में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमें युद्ध स्तर पर राहत कार्यों में जुटी हैं ताकि मलबे में दबे या पानी के बहाव में फंसे लोगों को जल्द से जल्द निकाला जा सके। अस्पताल में घायलों के उपचार के लिए आपातकालीन इंतजाम किए गए हैं।