Edited By Vijay, Updated: 11 Feb, 2026 07:01 PM

पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री पद की एक गरिमा होती है, जिसे सुक्खू तार-तार कर रहे हैं और जेब में बैकडेट की चिट्ठियां लेकर घूमना व ओछी राजनीति करना उन्हें शोभा नहीं देता।
भुंतर (सोनू): पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री पद की एक गरिमा होती है, जिसे सुक्खू तार-तार कर रहे हैं और जेब में बैकडेट की चिट्ठियां लेकर घूमना व ओछी राजनीति करना उन्हें शोभा नहीं देता। पूर्व मुख्यमंत्री बुधवार को भुंतर में पंडित दीन दयाल उपाध्याय के बलिदान दिवस पर आयोजित समर्पण दिवस कार्यक्रम में जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
जयराम ठाकुर ने रैवेन्यू डैफिसिट ग्रांट के मुद्दे पर स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में हिमाचल को 13वें वित्तायोग की तुलना में कहीं अधिक ग्रांट मिली, लेकिन कांग्रेस सरकार ने हमेशा केंद्र को कोसने का काम किया है। उन्होंने बताया कि 2010-14 में मनमोहन सिंह सरकार के कार्यकाल में हिमाचल को मात्र 7,800 करोड़ रुपए की आरडीजी मिली थी, जबकि मोदी सरकार के दौरान 2015 से 2020 तक यह राशि 45,000 करोड़ रुपए तक पहुंची। तब राज्य में कांग्रेस की वीरभद्र सरकार भी रही, लेकिन बिना भेदभाव राशि दी गई।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि 14वें और 16वें वित्तायोग ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि आरडीजी को धीरे-धीरे कम (टेपर डाऊन) किया जाएगा और राज्यों को अपने संसाधन बढ़ाने होंगे परंतु मुख्यमंत्री सुक्खू ने उचित मंच पर अपना पक्ष नहीं रखा और अब जब हिमाचल सहित अन्य 17 राज्यों की भी आरडीजी बंद हुई है तो वह इसे केंद्र की साजिश बताकर जनता को गुमराह कर रहे हैं।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने चुनाव जीतने के लिए आनन-फानन में 10 गारंटियां तो दे दीं, लेकिन अब उनका आर्थिक बोझ केंद्र पर डालना चाहते हैं, जो कि न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने कुप्रबंधन का ठीकरा केंद्र पर फोड़कर जनता पर टैक्स का बोझ डालने और सुविधाएं छीनने की तैयारी कर रही है, जबकि अपने मित्रों को कैबिनेट रैंक और महंगी गाड़ियां बांटकर प्रदेश की संपदा को लुटाया जा रहा है। जयराम ने स्पष्ट किया कि विपक्ष के नाते वह सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ जनता की आवाज बने रहेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री को सलाह दी कि वह आरोप-प्रत्यारोप से बाहर निकलकर प्रदेश के हितों पर ध्यान दें।